Monday, 23 October 2017

पुरुष ग्रंथि (गदूद) के बढ़ने के आयुर्वेदिक घरेलु उपचार

पुरुष ग्रंथि के बढ़ने के आयुर्वेदिक घरेलु उपचार (Prostate gland enlargement)

प्रोस्टेट पुरुषों में पाई जाने वाली एक ग्रंथि है, जो वास्‍तव में कई छोटी ग्रंथियों से मिलकर बनी होती है। यह ग्रंथि पेशाब के रास्‍ते को घेर कर रखती है और उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट ग्रंथि के ऊतकों में गैर-नुकसानदेह ग्रंथिकाएं विकसित हो जाती है। जिसके कारण धीरे-धीरे ग्रंथि के आकार में वृद्धि होने लगती है, और समस्या तब उत्पन्न होती है जब प्रोस्टेट का आकार इतना बढ़ जाता है कि मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ने लगता है।यह रोग पुरुषों में ही होता है क्योंकि पुरुष ग्रंथि स्त्रियों में नहीं होती है केवल पुरुषों में होती है। पुरुष में यह ग्रंथि मूत्राशय की ग्रीवा तथा मूत्रमार्ग के ऊपरी भाग को चारों तरफ से घेरकर रखती है। इस ग्रंथि के द्वारा सफेद, लिसलिसा तथा गाढ़ा स्राव निकलता है। जब पुरुष उत्तेजित होता है तो उस समय शुक्राणु प्रोस्टेट में पहुंच जाते हैं। यह लिसलिसा पदार्थ इन शुक्राणुओं को जीवित रखने और बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब यह ग्रंथि अधिक बढ़ जाती है तो मूत्राशय तथा मूत्रमार्ग की क्रियाओं में बाधा उत्पन्न होती है।

पुरुष ग्रंथि का अधिक बढ़ने का लक्षण:-
इस रोग से पीड़ित रोगी को रात के समय में कई बार पेशाब करने के लिए उठना पड़ता है।
रोगी को एक बार में पेशाब पूरा नहीं आता इसलिए उसे पेशाब बार-बार करने जाना पड़ता है। रोगी व्यक्ति का पेशाब बूंद-बूंद करके आने लगता है।
इस रोग से पीड़ित रोगी पेशाब तथा शौच को रोकने में असमर्थ होता है।
इस रोग से पीड़ित रोगी को सिर में दर्द, घबराहट, थकान, चिड़चिड़ापन, लिंग का ढीला हो जाना तथा अधिक कमजोरी महसूस होना आदि परेशानियां होने लगती हैं।
जब पुरुषों की पुरुष ग्रंथि बढ़ जाती है तो उस रोगी के पेशाब की धार पतली हो जाती है तथा पेशाब कम और रुक-रुक कर आता है।
पुरुष ग्रंथि के अधिक बढ़ने के कारण:-
*नशीले पदार्थों का अधिक सेवन करने के कारण भी यह रोग हो सकता है।
*पेट में कब्ज बनने के कारण भी पुरुष ग्रंथि बढ़ जाती है।
*मूत्र तथा शौच की गति को रोकने के कारण भी पुरुष ग्रंथि अधिक बढ़ सकती है।
गलत तरीके के खान-पान तथा दूषित भोजन का सेवन करने से पुरुष ग्रंथि के अधिक बढ़ने का रोग हो जाता है।
मानसिक तनाव अधिक होने, अधिक चिंता करने तथा क्रोध करने के कारण पुरुष ग्रंथि का अधिक बढ़ने का रोग हो सकता है।
*लगातार लम्बे समय तक बैठने का कार्य करने से व्यक्ति के बस्ति प्रदेश पर बोझ पड़ता है जिसके कारण इस ग्रंथि में सूजन हो जाती है और यह रोग व्यक्ति को हो जाता है।
सर्दियों में समस्‍या का बढ़ना
सर्दियों में कम पानी पीने के कारण प्रोस्‍टेट ग्रंथि की समस्‍या बढ़ जाती है। सर्दियों में पानी कम पीने के कारण यूरीन की थैली में एकत्र यूरीन की मात्रा बढ़ जाती है। इसके कारण यूरीन की नली में संक्रमण या यूरीन रुकने  की  समस्‍या हो जाती है।
किडनी पर असरप्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर अगर यूरीन मूत्राशय के अंदर देर तक रुका रहता है तो कुछ समय के बाद किडनी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगता है। इसके कारण किडनी की यूरीन बनाने की क्षमता कम होने लगती है और किडनी यूरिया को पूरी तरह शरीर के बाहर निकाल नहीं पाती। इन सब के कारण ब्‍लड में यूरिया बढ़ने लगता है, जो शरीर के लिए नुकसानदेह होता है।

दवाओं से इलाज
प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर मरीज को चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता होती है। यूरीन की थैली के लगातार भरे रहने से किडनी पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे किडनी के खराब होने का खतरा पैदा हो जाता है। रोग की प्रारंभिक अवस्था में दवाओं द्वारा ग्रंथि को बढ़ने से रोकने का प्रयास किया जाता है।
पुरुष ग्रंथि के अधिक बढ़ने पर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-
इस रोग को ठीक करने के लिए सबसे पहले इस रोग के होने के कारणों को दूर करना चाहिए और इसके बाद इसका उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से करना चाहिए।
पुरुष ग्रंथि के बढ़ने के रोग को ठीक करने के लिए रोगी व्यक्ति को 2 दिन उपवास रखने के बाद लगभग 10 दिनों तक फलों तथा सब्जियों का हल्का भोजन लेना चाहिए।
पालक और कुलथी को बराबर मात्रा में लेकर पानी में डालकर अच्छी तरह से उबालकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े को सुबह-शाम सेवन करने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

2 अंजीर को प्रतिदिन पानी में भिगोकर रख दें। इनको सुबह तथा शाम को खाकर इस पानी पी लें। इस प्रकार से प्रतिदिन उपचार करने से यह रोग ठीक हो जाता है।
बन्दगोभी, तरबूज, खीरा, सफेद पेठा, गाजर, अनन्नास आदि का रस पीना भी बहुत लाभदायक होता है।
इस रोग से पीड़ित रोगी को दूषित भोजन, उत्तेजक खाद्य पदार्थ, मिठाई, घी, तली हुई चीजें बिल्कुल भी सेवन नहीं करनी चाहिए।
यदि रोगी व्यक्ति को कब्ज बन रही हो तो सबसे पहले कब्ज को दूर करना चाहिए तथा इसके बाद इस रोग का उपचार करना चाहिए।
इस रोग से पीड़ित रोगी को अधिक मात्रा में पानी तथा नींबू का पानी पीना चाहिए। धनिये के पानी तथा कच्चे नारियल के पानी को भी पीना लाभदायक है।
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विशिष्ट परामर्श-

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने मे हर्बल औषधि सर्वाधिक कारगर साबित हुई हैं| यहाँ तक कि लंबे समय से केथेटर नली लगी हुई मरीज को भी केथेटर मुक्त होकर स्वाभाविक तौर पर खुलकर पेशाब आने लगता है| प्रोस्टेट ग्रंथि के अन्य विकारों मे भी अत्यंत उपयोगी है|आपरेशन की जरूरत नहीं होती. जड़ी -बूटियों से निर्मित औषधि हेतु वैध्य श्री दामोदर से 98267-95656 पर संपर्क कर सकते हैं|

पुरुषों की प्रजनन शक्ति (fertility) घटने के प्रमुख कारण

पुरुषों की प्रजनन शक्ति (fertility) घटने के प्रमुख कारण// The main reasons for men's decline in fertility

    ह्यूमन रिप्रोडक्शन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार पुरुषों की कुछ आदतों के कारण उनमें स्पर्म काउंट कम होने की प्रॉब्लम पैदा हो रही है। इससे भी गंभीर बात यह है कि 80 फीसदी से अधिक पुरुषों को यह पता ही नहीं होता कि उनकी इन आदतों का असर उनकी फर्टिलिटी पर भी पड़ता है।
क्या है स्पर्म काउंट कम होने की साइंटिफिक वजह
बॉडी के टेम्प्रेचर की तुलना में स्क्रूटम (अंडकोश की थैली) का टेम्प्रेचर करीब एक डिग्री कम रहता है। स्क्रूटम का टेम्प्रेचर बढ़ने पर स्पर्म काउंट कम हो सकता है। आज की लाइफस्टाइल में हमने ऐसी कई आदतें एडॉप्ट कर ली हैं जो स्क्रूटम का टेचर बढ़ाती हैं। इसके अलावा स्ट्रेस का भी नेगेटिव असर स्पर्म काउंट पर पड़ता है। जानिए ऐसी आदतों के बारे में जिनकी वजह से स्पर्म काउंट कम होता है। इन्हें तुरंत छोड़ने की सलाह दी जाती है|
रेगुलर नशा करना –
शराब, सिगरेट या अन्य किसी तरह का नशा करने से बॉडी में स्ट्रेस हारमोंस का लेवल बढ़ जाता है. इससे स्पर्म काउंट कम होने लगता है
लैपटॉप पैर पर रखकर काम करना –
अगर रेगुलर लैपटॉप को रखकर काम करते है तो इसकी हीट स्क्रुटम (अंडकोश की थेली) तक जाती है. लॉन्ग टाइम तक ऐसा करने इ स्पर्म काउंट घटता है.
टाइट कपडे पहनना –
डेली टाइट कपडे पहनने से स्क्रुटम (अंडकोश की थेली) का तापमान बढ़ने लगता है. इसके कारण स्पर्म काउंट घटने लगता है
पर्याप्त नींद न लेना –
रेगुलर कम से कम 7 घंटे की नींद न लेने से बॉडी में स्ट्रेस बढ़ाने वाले हार्मोन्स का लेवल बढ़ता है. इससे बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ता है, जिसके कारण स्पर्म काउंट कम होने लगता है
ज्यादा कॉफ़ी पीना –
एक हॉस्पिटल की रिसर्च के मुताबिक ज्यादा मात्रा में कॉफ़ी लेने से इसमें मौजूद केफीन स्ट्रेस हार्मोन्स बढाता है. इससे स्पर्म काउंट घटता है
स्ट्रेस में रहना –
लगातार स्ट्रेस में रहने से बॉडी में हार्मोनल एम्बलेंस होता है. साथ ही बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ता है. इससे स्पर्म काउंट कम होता है
सोया प्रोडक्ट –
हार्वर्ड स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ की रिसर्च के मुताबिक डाइट में ज्यादा सोया प्रोडक्ट लेने से इसमे मौजूद आइसोफ्लेवोन स्पर्म की संख्या कम करता है|
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पाचन शक्ति के उपचार जो पत्थर भी पचा दे !

पाचन शक्ति के उपचार जो पत्थर भी पचा दे !

*खाने में फलों का इस्तेमाल अधिक करे। फलों में पपीता, अमरूद, अंजीर, संतरे और अनार खाए। इनमें फाइबर अधिक मात्रा में होता है जिससे पाचन क्रिया ठीक होती है और पेट भी साफ़ रहता है।
* पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए पानी अधिक पिए। खाना खाने से आधा घंटा पहले गुनगुना पानी पीने से पाचन मजबूत होता है।
*. एक छोटा टुकड़ा अदरक ले और इस पर नींबू का रस डाल कर चूसे, इस घरेलू नुस्खे से पाचन क्रिया बढ़ती है।
* काला नमक, जीरा और अजवाइन बराबर मात्रा में ले और मिक्स करके इस मिश्रण का एक चम्मच पानी के ले।
* अजवाइन के पानी से भी पाचन मजबूत होता है।
*. इलायची के बीजों को पीस कर चूर्ण बना ले और बराबर मात्रा में मिश्री मिला ले। तीन ग्राम मात्रा में ये देसी दवा दिन में दो से तीन बार खाए।


* आँवले का पाउडर, भूना हुआ जीरा, सौंठ, सेंधा नमक, हींग और काली मिर्च मिलाकर इसकी छोटी छोटी वडी बनाकर सेवन करे। इस उपाय से पाचन शक्ति मजबूत होती है और इससे भूख भी बढ़ती है।
पाचन शक्ति बढ़ाने के योग-
हलासन
धनुरासन
नौकासन
भुजंगासन
पश्चिमोत्तासन
इन आसनों को करने से पहले आप किसी योग गुरु की मदद से इन्हे सही तरीके से करने की जानकारी ले।
पाचन क्रिया ठीक करने के उपाय
* संतरे का रस पीने से पाचन क्रिया दरुस्त होती है।
अंकुरीत गेंहू, मूँग दाल और चने खाने से भी पाचन शक्ति ठीक रहती है।
*तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह खाली पेट पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है।
*मूली का सेवन पेट में गैस की समस्या में रामबाण इलाज है। मूली पर काला नमक लगाये और सलाद जैसे खाये। मूली की सब्जी और रस पिने से भी फायदा होता है। इसे रात को ना खाए।
*विटामिन सी और फाइबर युक्त चीज़े खाने से डिजेस्शन की प्राब्लम से छुटकारा मिलता है।
* पाचन क्रिया सुधारने के लिए सलाद अधिक खाए। सलाद में टमाटर, कला नमक और नींबू का प्रयोग करे।
*. पुदीने का प्रयोग पेट की कई बीमारियों के उपचार में होता है। रोजाना इसका सेवन करने से पेट की बीमारियों से छुटकारा मिलता है।
* हरी सब्जियाँ पालक, मेथी पाचन सुधारने का अछा उपाय है, इनके सेवन से क़ब्ज़ का उपचार होता है और शरीर को ज़रूरी पोषण मिलता है।
लगातार कई घंटों तक एक ही जगह पर ना बैठे और अगर आपने काम की वजह से आपको एक ही जगह बैठना पड़ता है तो एक दो घंटे में पांच से दस मिनट का ब्रेक ले और कुछ कदम चले।
रात को देर से ना सोए, छह से आठ घंटे की नींद ले।
सुबह दोपहर और रात का भोजन सही समय पर करे।


खाना चबा चबा कर खाए।
धूम्रपान, तंबाकू और शराब से दूर रहे।
तला हुआ और मसालेदार खाने से परहेज करे।
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हमेशा यौवन बनाए रखने का नुस्खा

हमेशा यौवन बनाए रखने का नुस्खा

कायाकल्प का अर्थ होता है काया को नया जीवन देना । रोगों से बेकार हुये, और दूषित खान-पान यथा शराब आदि के सेवन से बेकार हो चुके शरीर को नया बल देने में यह काया कल्प प्रयोग बहुत ही उत्तम समाधान है । विशेष बात यह है कि जरूरी नही रोगी ही इसका सेवन करें, बॅळ्की ईसकों स्वस्थ व्यक्ति भी सेवन कर सकते हैं
   ताजे,पके हुए  ऑवलें को लेकर ताजे जल से धोकर 3-4 ऑवलों को कद्दूकस पर घिस लें और कसे हुये ऑवले को सूती कपड़े में रखकर 15 मिलीलीटर रस निकाल लें । इस रस में 15 ग्राम शहद मिलाकर सेवन करें । इसका सेवन प्रातः खाली पेट कुछ हल्का-फुल्का व्यायाम करने के बाद किया जाना चाहिये और फिर दो घण्टे तक कुछ नही खाना चाहिये, थोड़ा गुनगुना पानी पी सकते हैं । ताजे ऑवले के मौसम में इसको लगातार दो महीने तक सेवन करना चाहिये । सभी रोगों से बचे रहने के इच्छुक मानव  के लिये और रोगों से कमजोर हुये शरीर को पुनः बलशाली बनाने के लिये यह साधारण प्रयोग किसी अमृत से कम नही होता है ।
   

इस नुस्खे के अन्य फायदे -

1. इसके सेवन काल में यदि पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन किया जाये तो सम्पूर्ण वर्ष व्यक्ति पूर्ण क्षमता से स्त्री समागम के काबिल हो जाता है ।

2. मासिक की अनियमितता और कष्ट में इसका सेवन करने से बार बार डॉक्टर के पास जाने की आवश्यक्ता नही पड़ती है ।

3. इसके सेवन से वीर्य- रोग नष्ट होते हैं और पेशाब में धातु जाने की समस्या में भी परम लाभदायी सिद्ध होता है ।

4. इस प्रयोग से आमाशय को बल मिलता है और शरीर में नये रक्त का निर्माण होता है ।

5. आचार्य चरक का मानना है कि जगत में जितनी भी रसायन औषधियाँ हैं उनमें से ऑवला सर्वश्रेष्ठ होता है । महर्षि च्यवन द्वारा बनाया गया मुख्य योग च्यवनप्राश भी ऑवलें से ही प्रमुख रूप से बनाया जाता है ।

त्वचा की खूबसूरती के लिए नहाने के पानी मे क्या मिलाएँ?

त्वचा की खूबसूरती के लिए नहाने के पानी मे क्या मिलाएँ?  
What to add to the bath water for the beauty of the skin?

हर लड़की चाहती है कि वो नैचुकल तरीके से सुदंर,कोमल और निखरी त्वचा पाए। इसके लिए लड़किया कई तरह के घरेलू नुस्खे आजमाती हैं। इन नुस्खों का इस्तेमाल उनको हफ्ते में 2-3 बार करना पड़ता है। कई बार तो इनके लिए समय निकालना भी मुश्किल हो जाता है। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं, जिससे नहाने के पानी में इस्तेमाल करने से ही आप खूबसूरत त्वचा पाएंगी। इन तरीको को अजमाकर सारा दिन फ्रैश भी रहेंगी।
नहाने के पानी में मिलाएं ये चीजें-

1. एप्पल सिडर विनेगर
त्वचा का रूखापन दूर करने के लिए नहाने के पानी में 1-2 चम्मच एप्पल सिडर विनेगर डाल कर नहाएं। इससे त्वचा की नमी बनी रहेगी।

2.बेकिंग सोडा
नहाने से पहले पानी में थोड़ा-सा सोड़ा डाल लें। इस पानी से नहाने पर त्वचा पर मुंहासों से छुटकारा मिलता है। ध्यान में रखें कि बेकिंग सोड़े की मात्रा का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा न करें।

3॰ गुलाब जल
सारा दिन ताजगी बनाएं रखने के लिए नहाने के पानी में गुलाब जल डालें। इस पानी ले नहाने पर ताजगी बनी रहेगी और त्वचा में भी निखार आएगा।

4.नींबू के छिलके
नींबू त्वचा की रंगत निखारने में बेहद कारगर है। नहाने के पानी में 1 नींबू का रस डालकर नहाएं।इसके छिलकों को हाथ और पैर पर रगड़ें।

5.दूध और शहद
रोजाना पानी में दूध और शहद डालकर नहाएं। इससे रूखी त्वचा से छुटकारा मिलेगा। दूध से त्वचा को नैचुरल माइश्चराइजर मिलेगा। शहद से रूखी त्वचा से निजात मिलेगी। इससे आपको कुछ अलग से इस्तेमाल करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्या महिलाओं को रात को सोते समय ब्रा पहननी चाहिए?

क्या महिलाओं को रात को सोते समय ब्रा पहननी चाहिए? यह सवाल समय के साथ उठता ही आ रहा है।
कभी कहा जाता है कि रात को ब्रा पहन कर जरूर सोना चाहिए कभी स्टडीज सामने आती है कि नहीं ब्रा पहन कर सोना खतरे की घंटी हो सकती है। ज्यादा भारी ब्रेस्ट वाली महिलाओं को अक्सर ब्रा पहन कर सोने की सलाह दी जाती है वहीं जिनके कम होते हैं उनके लिए यह जरूरी नहीं। लेकिन क्या आपको पता है ब्रा पहन कर सोने से आपको क्या नुकसान हो सकते हैं?

ब्रा पहन कर सोने के क्या नुकसान है-
1. रक्त संचार में असर-
ब्रा इलास्टिक और पट्टियों की वजह से आपके सीने तक खून को नहीं पहुंचने देती। रात को इसका असर ज्यादा होता है। हर बार यह सलाह दी जाती है कि महिलाओं को ब्रांडेड और अच्छी ब्रा पहननी चाहिए ताकि पूरे शरीर में रक्त का संचार अच्छे से हो।

2. तंग पट्टियां-
अक्सर ब्रा की पट्टियां काफी टाइट होती है जिससे रात को सोने में दिक्कत होती है। जितनी टाइट आपकी ब्रा होगी उतनी ही आपको दिक्कत होगी। अगर आप फिर भी रात को ब्रा पहन कर सोना चाहती हैं तो इसे ढीला कर लें। ताकि इसके टाइट होने से आपको कोई दिक्कत न हो।

3.स्तनों के आसपास पिगमेंटेशन-
जो महिलाएं नियमित रूप से ब्रा पहनती हैं उनके स्तनों के आसपास निशान पड़ने लग जाते हैं उन्हें पिगमेंटेशन की दिक्कत होने लगती है। इससे बचने के लिए आपको रात में ब्रा पहनने से बचना होगा।

4. सूजन-
ज्यादा समय तक ब्रा पहनने से फ्लूइड इकट्ठा होने लगता है और यह एक बड़ा कारण है कि महिलाएं आखिर क्यों ब्रा पहन कर नहीं सोतीं।

5. बेचैनी-
रात के समय ब्रा पहन कर सोने से बेचैनी बनी रहती है. और ठीक तरह से नींद भी नहीं आ पाती है. डॉक्टर्स भी रात के समय ढीले कपड़े पहन कर सोने की सलाह देते है.

6. त्वचा में खराश-
कई महिलाओं को ब्रा पहन कर सोने में दिक्कत हो जाती है यही नहीं उनकी त्वचा पर निशान पड़ जाते हैं। अगर आपको भी ऐसी ही दिक्कत होती है तो आप भी रातो ब्रा पहन कर मत सोइए।

7. एलर्जी
दिनभर के बाद रात में भी ब्रा पहन कर सोने से पसीने और के चलते आपके स्तन एलर्जी का शिकार हो सकते है

कलौंजी लगाएं, सर पर लहलहाते बाल वापस पाएं

कलौंजी लगाएं, सर पर लहलहाते बाल वापस पाएं

महिलाएं ही क्या पुरुष भी आम तौर पर अपने बालों को लेकर काफी चिंतित रहते हैं, आज की आधुनिक शैली और आधुनिक प्रोडक्ट्स ने हमारे शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाय नुक्सान ही पहुंचाया है. बहुत कम लोग जानते हैं कि हमारे आसपास ऐसी बहुत सारी चीजें हैं, जिन्हें सही तरीके से खाकर सुन्दर त्वचा, बालों से लेकर अच्छी सेहत का फायदा उठाया जा सकता है.
इन्हीं में शामिल है कलौंजी जिसमें बहुत सारे मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स होते हैं. आयरन, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर से भरपूर कलौंजी कई प्रकार के रोगों का घर बैठे इलाज है. लगभग 15 एमीनो एसिड वाला कलौंजी शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन की कमी भी पूरी करता है.बालों को लाभकलौंजी के लाभ में से सबसे बड़ा लाभ बालों को होता है. अनहेल्दी लाइफस्टाइल, स्ट्रेस जैसी कई समस्याओं से महिला हो या पुरुष, दोनों के ही साथ बालों के गिरने की समस्या आम हो चुकी है.

इसके लिए तमाम तरह के ट्रीटमेंट कराने पर भी फायदा नहीं होता. लेकिन घर में मौजूद कलौंजी इस समस्या के निपटारे में बहुत ही कारगर उपाय है. सिर पर 20 मिनट तक नींबू के रस से मसाज करें और फिर अच्छे से धो लें. इसके बाद कलौंजी का तेल बालों में लगाकर उसे अच्छे से सूखने दें. लगातार 15 दिनों तक इसका इस्तेमाल बालों के गिरने की समस्या को दूर करता है.कलौंजी ऑयल, ऑलिव ऑयल और मेहंदी पाउडर को मिलाकर हल्का गर्म करें. ठंडा होने दें और हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करें. इससे गंजेपन की समस्या भी दूर होती है.

कलौंजी की राख को तेल में मिलाकर गंजे अपने सर पर मालिश करें कुछ दिनों में नए बाल पैदा होने लगेंगे. इस प्रयोग में धैर्य महत्वपूर्ण है.कलौंजी के अन्य लाभडायबिटीज से बचाता है, पिंपल की समस्या दूर, मेमोरी पावर बढ़ाता है, सिरदर्द करे दूर, अस्थमा का इलाज, जोड़ों के दर्द में आराम, आंखों की रोशनी, कैंसर से बचाव, ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल.कलौंजी एक बेहद उपयोगी मसाला है. इसका प्रयोग विभिन्न व्यंजनों जैसे दालों, सब्जियों, नान, ब्रेड, केक और आचार आदि में किया जाता है.