Monday, 28 November 2016

महिलयो के लिए कारगर उपाए

महिलयो के लिए कारगर उपाए


मोटापा करे कम, घर के नुस्खों में है दम

मोटापा करे कम, घर के नुस्खों में है दम


भोजन में गेहूं के आटे की चपाती लेना बन्द करके जौ-चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें। इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ। इन्हें मिलाकर पिसवा लें और इसी आटे की चपाती खाएं। इससे सिर्फ पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा।

प्रातः एक गिलास ठंडे पानी में 2 चम्मच शहद घोलकर पीने से भी कुछ दिनों में मोटापा कम होने लगता है। दुबले होने के लिए दूध और शुद्ध घी का सेवन करना बन्द न करें। वरना शरीर में कमजोरी, रूखापन, वातविकार, जोड़ों में दर्द, गैस ट्रबल आदि होने की शिकायतें पैदा होने लगेंगी। पेट व कमर का आकार कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर के उदर भाग को 'बफारे की भाप' से सेंक करना चाहिए
अजवायन और एक चम्मच नमक डालकर उबलने रख दें। जब भाप उठने लगे, तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें। दो छोटे नैपकिन या कपड़े ठण्डे पानी में गीले कर निचोड़ लें और तह करके एक-एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रखकर सेंकें। प्रतिदिन 10 मिनट सेंक करना पर्याप्त है। कुछ दिनो में पेट का आकार घटने लगेगा
सुबह उठकर शौच से निवृत्त होने के बाद निम्नलिखित आसनों का अभ्यास करें या प्रातः 2-3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जाया करें। दोनों में से जो उपाय करने की सुविधा हो सो करें।

गर्म पानी सेहत के लिए फायदेमंद

गर्म पानी सेहत के लिए फायदेमंद


पानी के बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। पानी हर तरीके से हमारे लिए फायदेमंद है, लेकिन अगर हम गुनगुना पानी पिएं तो हमारी सेहत के लिए और भी ज्यादा लाभदायक होगा। जानें गुनगुने पानी के 10 फायदे-
1 अधिकतर पेट की बीमारी दूषित पानी से होती हैं, अगर पानी को गर्म कर फिर ठंडा कर पिएं तो पेट की अधिकांश बीमारियां दूर हो जाएंगी।
अगर भूख ना लगे तो एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस और काली मिर्च, नमक डालकर पिएं।
2 रोजाना गर्म पानी पीने से ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है।
3  सुबह-सुबह एक गिलास गुनगुना पानी कब्ज को जड़ से खत्म कर देता है।
4  सर्दी-जुकाम में रोज गुनगुना पानी से पीने से आराम मिलता है।
5  अगर स्किन पर रैशेज पड़ गए हैं या त्वचा सिकुड़ रही है तो रोज सुबह गुनगुना पानी पीएं।
6  गुनगुना पानी पीने से आपकी स्कीन ग्लो करने लगेगी।
7  दमा के मरीजों के लिए तला भुना खाने के बाद गर्म पानी पीना बहुत लाभदायक होता है।
8   अगर आपको हमेशा थकान महसूस होती है तो सुबह की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी से करें। दिनभर तरोताजा महसूस करेंगे।
9  दमा के मरीजों के लिए तला भुना खाने के बाद गर्म पानी पीना बहुत लाभदायक होता है।
10  अगर आपको हमेशा थकान महसूस होती है तो सुबह की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी से करें। दिनभर तरोताजा महसूस करेंगे।

चेहरे पर दाग धब्बों को खत्म करने के लिए 11 घरेलु नुस्खे


चेहरे पर दाग धब्बों को खत्म करने के लिए 11 घरेलु नुस्खे


डार्क सर्कल की समस्या से बचने के लिए घरेलू नुस्खों का कोई जवाब नहीं है। इसकी मदद से बिना किसी दुष्प्रभाव के आप डार्क सर्कल से छुटकारा पा सकते हैं।
1
डार्क सर्कल से कैसे बचें
आंखों के नीचे पड़ने वाले डार्क सर्कल आपकी खूबसूरती बिगाड़ सकते हैं। यह समस्या कई वजहों जैसे शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना, नींद न आना, मानसिक तनाव या फिर बहुत ज्यादा देर तक कंप्यूटर पर काम करने के कारण भी हो सकती है। इन डार्क सर्कल की वजह से आपकी सुंदरता तो कम होती ही है साथ ही व्यक्ति थका हुआ और उम्रदराज भी नजर आता है। आइए जानें डार्क सर्कल को दूर करने के घरेलू नुस्खों के बारे में। 
2
टमाटर
टमाटर के रस में, नींबू का रस,चुटकीभर बेसन और हल्‍दी मिला लें। इस पेस्‍ट को अपनी आंखों के चारों ओर लगाएं और 20 मिनट के बाद चेहरे को धो लें। ऐसा हफ्ते में 3 बार जरुर करें। इससे डार्क सर्कल धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
3
आलू
यह बहुत ही असरकारी नुस्खा है। रात में सोने से पहले चेहरा को अच्छे से साफ करें। इसके बाद आलू की पतली स्लाइस काटकर उन्हें आंखों पर 20 से 25 मिनट रखें। इसके बाद चेहरा को अच्छे से साफ कर लें।
बालों के लिये 29 प्रभावशाली उपाय
4
गुलाब जल
गुलाब जल की मदद से डार्क सर्कल की समस्या से निजात पा सकते हैं। बंद आंखों पर गुलाब जल में भिगोई हुई रूई को आंखों पर रखें। ऐसा केवल 10 मिनट तक करें। ऐसा करने से आंखों के आस पास की त्‍वचा चमक उठेगी।
5
बादाम का तेल
काले घेरे से छुटकारा पाने के लिए बादाम के तेल बहुत फायदेमंद है। बादाम के तेल को आंखों के आस-पास लगाकर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर उंगलियों से 10 मिनट तक हल्की मालिश करें। इसके बाद चेहरा साफ कर लें।बालों के लिये 29 प्रभावशाली उपाय
6
चाय का पानी
चायपत्ती को पानी के साथ उबाल लें और फिर ठंडा होने के लिए रख दें। इसके बाद रुई के फाहे को उसमें भिगोकर आंखों के नीचे और आस-पास लगाएं। थोड़ी देर बाद पानी से चेहरा साफ कर लें। नियमित रूप से ऐसा करने से चेहरे के काले घेरे तेजी से कम हो जाएंगे।
7
टी बैग
डार्क सर्कल्स को दूर करने के लिए प्रयोग किए गए ठंडे टी-बैग्स का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। टी-बैग्स में मौजूद तत्व टैनिन आंखों के आसपास की सूजन और काली त्वचा को पहले जैसे करता है और आपको डार्क सर्कल से निजात मिलता है।बालों के लिये 29 प्रभावशाली उपाय
8
शहद और बादाम का तेल
बादाम के तेल और शहद को अच्छी तरह मिलाकर सोने के पहले आंखों के आसपास लगाएं और सारी रात लगा रहने दें। सुबह उठकर सामान्य पानी से चेहरा धो लें। हर रोज इस नुस्खे को आजमाने से कुछ ही दिनों में डार्क सर्कल दूर हो जाएगा। 
9
पुदीना पत्‍ता
पुदीने की पत्‍तियों को पीस लें और आंखों के आस पास लगा लें। इसे कुछ देर तक इस पेस्ट को ऐसे ही छोड़ दें और फिर आंखों को पानी से धो लें। इससे आपको डार्क सर्कल से निजात पाने में काफी सहायता मिलेगी।
बालों के लिये 29 प्रभावशाली उपाय
10
संतरे का रस और ग्‍िलसरीन
संतरे का रस विटामिन सी से भरपूर होता है जो कि त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है। संतरे के रस में ग्लिसरीन की कुछ बूंदे मिलाएं और इस पेस्ट को हर रोज आंखों और आस पास के एरिया पर लगाएं। यह डार्क सर्कल से निजात दिलाने का प्रभावशाली तरीका है।
11
जैतून तेल
जैतून का तेल सौंदर्य से जुड़ी कई समस्याओं में काफी फायदेमंद है। इससे आंखों के आसपास हल्के हाथों से मालिश करें, इससे रक्त संचार ठीक रहता है और आंखों की थकान कम होती है जिससे डार्क सर्कल की समस्या दूर होती है।बालों के लिये 29 प्रभावशाली उपाय

मोटापे को घटाने के 20 मुख्या उपाए


मोटापे को घटाने के 20  मुख्या उपाए   


हाल के बरसों में मोटापा लोगों की एक बड़ीसमस्या बन चुका है। जो लोग फिट हैं , वे वजनबढ़ने नहीं देना चाहते और
 जो मोटे हैं , वे इसेघटाना चाहते हैं। एक्सर्पट्स की सलाह से यहां हमफिट रहने के तरीके बता रहे हैं :

जानें अपना BMI 
यह जानना बेहद जरूरी है कि असल में फिट किसेकहें। इसका सीधा - सा फंडा है बीएमआई यानीबॉडी मास इंडेक्स।
स्वस्थ व्यक्ति के लिएडब्ल्यूएचओ ने 25 और भारत सरकार ने 23बीएमआई तय किया है क्योंकि भारतीयों के शरीरमें पश्चिमी देशों के लोगों के मुकाबले 5 फीसदी फैट ज्यादा होता है।

वजन घटाने के तरीके 
योग 
वजन कम करने का सबसे सटीक और सरल तरीका है योग। ये आसन वजन कम करने मेंमददगार हैं :
कपालभाति सांस को तेजी से नाक से बाहर फेंकें , जिससे पेट अंदर - बाहर जाएगा। 5-10मिनट करें। हाई बीपी वाले धीरे - धीरे करें और कमर दर्द वाले कुर्सी पर बैठकर करें।

अग्निसार खड़े होकर पैरों को थोड़ा खोलकर हाथों को जंघाओं पर रखें। सांस को बाहर रोक दें।फिर पेट की पंपिंग करें यानी पेट अंदर खींचें , फिर छोड़ें। स्लिप डिस्क , हाई बीपी या पेट काऑपरेशन करा चुके लोग इसे न करें।
( सर्दियों में फायदेमंद और नुकसानदायक आहार, जरूर पढ़िए )
उर्ध्व हस्तोत्तानासन खड़े होकर पैरों को थोड़ा खोलें। हाथों की उंगलियों को फंसाकर सिर केऊपर उठा लें। सांस निकालें और कमर को लेफ्ट साइड में झुका लें। दूसरी ओर भी करें।

दुत उत्तानपादासन कमर के बल लेटकर हाथों को जंघाओं के नीचे जमीन पर रखें। दोनों पैरोंको 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं। इस प्रकार जमीन पर बिना टिकाए बार - बार पैरों को ऊपर -नीचे करते रहें। कमर दर्द वाले इसे न करें।

हृदय स्तंभासन कमर के बल लेटकर हाथों को जंघाओं के ऊपर रखें। सांस भरकर पैरों कोउठाएं। सिर और कमर को उठाएं। इस दौरान शरीर का भार हिप्स पर रहेगा।

द्विपाद साइकलिंग कमर के बल लेटे - लेटे ही दोनों पैरों को मिलाकर एक साथ साइकलिंगकी तरह घुमाएं। थकान होने तक लगातार घुमाते रहें। हाथों को कमर के नीचे रखें।

भुजंगासन पेट के बल लेटकर दोनों हाथों को हिप्स के नीचे रखें। सांस भरते हुए आगे से सिरऔर छाती को ऊपर
उठाकर पीछे की ओर मोड़ लें।

उज्जायी प्राणायाम थायरॉइड के मरीजों के लिए यह काफी फायदेमंद है। सीधे बैठकर सांसबाहर निकालें।
 अब सांस भरते हुए गले की मांसपेशियों को टाइट करें और सांस भरते जाएं। गलेसे घर्षण की आवाज करते जाएं। फिर नाक से सांस धीरे - से बाहर निकाल दें।

इन सभी प्राणायाम - आसनों को 8-10 बार दोहराएं। अगर सुबह नियमित रूप से ये आसन किएजाएं तो एक महीने में 5 किलो तक वजन कम हो सकता है।

नेचरोपैथी 
नेचरोपैथी में वजन कम करने के लिए नेचरल तरीका अपनाया जाता हैं। इसमें तीन स्टेप होते हैं:
1. मसाज व स्टीम मसाज के लिए शीशम , ओलिव या सरसों का तेल और जड़ी - बूटियोंवाला पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद स्टीम दी जाती है।

2. कटि स्नान इसके लिए व्यक्ति को अलग - अलग तापमान के पानी में बिठाया जाता है।इससे कब्ज से छुटकारा मिलता है।

3. स्पेशल पैक बॉडी पर स्पेशल पैक लगाए जाते हैं। जमीन से दो फुट नीचे से निकाली गईमिट्टी से मड पैक तैयार किया जाता है , जो शरीर से जहरीले पदार्थों को निकालता है। इसमें12-15 सिटिंग में 5 किलो तक वजन घट सकता है। इसके लिए 2-5 हजार रुपए चार्ज किए जातेहैं।

आयुर्वेद ( सर्दियों में फायदेमंद और नुकसानदायक आहार, जरूर पढ़िए )
आयुर्वेद में इलाज मुख्यत : जड़ी - बूटियों पर आधारित होता है। यह करीब - करीब नेचरोपैथीजैसा ही है। इसमें भी मसाज और स्टीम बेस्ड तकनीक होती है। मसाज के लिए अदरक , कुलष्ठाव दूसरी बूटियों मिला तेल या पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। फिर स्टीम दी जाती है। खास पैकभी लगाया जाता है। इन सब तरीकों से फैट पिघल जाता है। आयुर्वेद में आमतौर पर 10-15सीटिंग में पांच किलो तक वजन घट सकता है। 5 हजार से 20 हजार रुपये तक चार्ज किए जातेहैं। इसका फायदा यह है कि शरीर ढीला नहीं पड़ता और वजन अचानक वापस नहीं आता। डॉक्टरकी सलाह से त्रिफला , आयोग्यवर्धिनी , घृतकुमारी आदि दवाएं भी ले सकते हैं।

होम्योपैथी 
खाना खाने के बाद दिन में तीन बार 10-15 बूंदें फायटोलका डिकंड्रा क्यू (Phytolaca Decandra Q) या फ्यूकस वेस क्यू (Fuccus Ves Q) चौथाई कप पानी में लें। कैल्केरिया कार्ब (Calc. Carb.) की 4-5 गोलियां भी दिन में तीन बार ले सकते हैं। ये दवाएं फैट कम करती हैं औरनियमित लेने पर दो - तीन महीने में असर दिखने लगता है। इन दवाओं का कोई साइड इफेक्टनहीं है


Sunday, 27 November 2016

दमा का इलाज़

दमा का इलाज़


दमा (Asthma)
आज बहुत से लोग सांस की बीमारी से ग्रसित हैं और उनके पास कोई हल नहीं हैं, इसलिए ये पोस्ट उनके लिए रामबाण हैं, तो आप इसको ज़रूर शेयर कीजिये।
दमा (Asthma) आज के प्रदूषण भरे वातावरण की देन हैं।
दमा वस्तुतः एलर्जी के कारण होता है। जब श्वसनी (bronchus) में हवा भर जाता है तब फेफड़ों में सूजन होने लगता है जिसके फलस्वरूप साँस लेने में मुश्किल होने लगती हैं। फेंफड़ो के अंदर जाने वाला वायु मार्ग छोटा या संकीर्ण हो जाने के कारण दमा का एटैक होता है। तब लोग सामान्य साँस भी जोर-जोर से लेने लगते हैं और नाक से जब साँस लेना दूभर हो जाता है तब मुँह से साँस लेने लगते हैं। दमा के रोगी को साँस लेने से ज़्यादा साँस छोड़ने में मुश्किल होती है। एलर्जी के कारण श्वसनी में बलगम पैदा हो जाता है जो कष्ट को और भी बढ़ा देता है। एलर्जी के कारण दमा होने के बहुत से कारणों में से कुछ इस प्रकार है-
• घर के धूल भरे वातावरण के कारण
• घर के पालतू जानवरों के कारण
• रास्ते के धुँए और धूल के कारण
• सुगंधित सौन्दर्य (perfumed cosmetics) प्रसाधनों के कारण
• सर्दी, फ्लू, ब्रोंकाइटिस (bronchitis) और साइनसाइटिस (sinusitis) के संक्रमण के कारण
• ध्रूमपान करने के कारण
• अधिक मात्रा में शराब पीने के कारण
• व्यक्ति विशेष के कुछ विशेष खाद्द-पदार्थों से एलर्जी के कारण
• महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण
• कुछ विशेष प्रकार के दवाओं के कारण
• सर्दी के मौसम में ज़्यादा ठंड पड़ जाने के कारण
एलर्जी के बिना भी दमा का रोग शुरू हो सकता हैं-
• तनाव या भय के कारण
• अतिरिक्त मात्रा में प्रोसेस्ड या जंक फूड खाने के कारण
• ज़्यादा नमक खाने के कारण
• आनुवांशिकता (heredity) के कारण आदि।
लक्षण-
दमा के लक्षण की बारे में बात करते ही पहली बात जो मन में आती है, वह है साँस लेने में कठिनाई। दमा का रोग या तो अचानक शुरू होता है या खाँसी, छींक या सर्दी जैसे एलर्जी वाले लक्षणों से शुरू होता है।
• साँस लेने में कठिनाई होती है
• सीने में जकड़न जैसा महसूस होता है
• दमा का रोगी जब साँस लेता है तब एक घरघराहट जैसा आवाज होती है
• साँस तेज लेते हुए पसीना आने लगता है
• बेचैनी-जैसी महसूस होती है
• सिर भारी-भारी जैसा लगता है
• जोर-जोर से साँस लेने के कारण थकावट महसूस होती है
• स्थिति बिगड़ जाने पर उल्टी भी हो सकती है आदि।
घरेलु उपचार-
1. एक लीटर पानी में दो बड़ा चम्मच मेथी के दाने डालकर आधा घंटे तक उबालें, उसके बाद इसको छान लें। दो बड़े चम्मच अदरक का पेस्ट एक छलनी में डालकर उस रस निकाल कर मेथी के पानी में डालें। उसके बाद एक चम्मच शुद्ध शहद इस मिश्रण में डालकर अच्छी तरह से मिला लें। दमा के रोगी को यह मिश्रण प्रतिदिन सुबह पीना चाहिए। पढ़े- वायरल फीवर से राहत पाने के छह घरेलु उपचार
2. दो छोटे चम्मच आंवला का पावडर एक कटोरी में ले और उसमें एक छोटा चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें। हर रोज सुबह इस मिश्रण का सेवन करें।
3. एक कटोरी में शहद लें और उसको सूंघने से दमा के रोगी को साँस लेने में आसानी होती है।
4. ज़रूरत के अनुसार सरसों के तेल में कपूर डालकर अच्छी तरह से गर्म करें। उसको एक कटोरी में डालें। फिर वह मिश्रण थोड़ा-सा ठंडा हो जाने के बाद सीने और पीठ में मालिश करें। दिन में कई बार से इस तेल से मालिश करने पर दमा के लक्षणों से कुछ हद तक आराम मिलता है।
5. लहसुन फेफड़ो के कंजेस्चन को कम करने में बहुत मदद करता है। दस-पंद्रह लहसुन का फाँक दूध में डालकर कुछ देर तक उबालें। उसके बाद एक गिलास में डालकर गुनगुना गर्म ही पीने की कोशिश करें। इस दूध का सेवन दिन में एक बार करना चाहिए।
6. गरमागरम कॉफी पीने से भी दमा के रोगी को आराम मिलता है। क्योंकि यह श्वसनी के मार्ग को साफ करके साँस लेने की प्रक्रिया को आसान करता है।
7. एक कटोरी में एक छोटा चम्मच अदरक का रस, अनार का रस और शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें। उसके बाद एक बड़ा चम्मच इस मिश्रण का सेवन दिन में चार से पाँच बार करने से दमा के लक्षणों से राहत मिलती है।
8. अर्जुन की छाल का चूर्ण एक छोटा चम्मच गाय के दूध में या पानी में इतना उबाले के पानी आधा रह जाए, और इस को हर रोज़ रात को सोते समय पिए। इसमें एक चुटकी भर दाल चीनी भी डाल दे।
9. जब भी दूध पिए देसी गाय का ही पिए और इसमें अम्बा हल्दी एक चुटकी डाल कर पिए।
10. इस के साथ में आज कल बाजार में कुछ आयुर्वेद कंपनिया कुछेक प्रोडक्ट ले कर आई हैं, जिन्हे मैंने खुद कई मरीजों पर इस्तेमाल किया हैं और उस के बहुत ही पॉजिटिव रिजल्ट मिले हैं, आप ये भी ज़रूर इस्तेमाल करे। ये हैं एलो वेरा, नोनी जूस, तुलसी, सी बकथॉर्न फ्रूट जूस, और स्पिरिलुना।
सुबह खाली पेट एक गिलास पानी में ३० मिली एलो वेरा, ३० मिली नोनी जूस, १० मिली सी बकथॉर्न जूस डाल कर एक गोली स्पिरिलुना खाइये। ये ३ महीने तक करना हैं, और ये प्रयोग अनेक लोगो पर सफलता पूर्वक आज़माया हैं।
इनकी डिमांड हमारे पास बहुत आती हैं बहुत सी कंपनिया इनको बना रही हैं, और हम भी थोड़े दिनों में ये प्रोडक्ट आपको ऑनलाइन प्रोवाइड करवा देंगे। अगले महीने तक हम ऑनलाइन आयुर्वेद का स्टोर खोल रहे हैं जहा सभी भारतीय आयुर्वेद की कम्पनियो के सभी उत्पाद आपको मिल जाएंगे।
साधरणतः जाड़े के मौसम में ठंड के कारण दमा का रोग भयंकर रूप धारण करता है। इसलिए इस समय इन घरेलु उपचारों के सहायता से दमा रोग काबु में किया जा सकता है, साथ ही कुछ बातों पर ध्यान से दमा रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है-
• घर को हमेशा साफ रखें ताकि धूल से एलर्जी की संभावना न हो
• योग-व्यायाम और ध्यान (meditation) के द्वारा खुद को शांत रखें
• मुँह से साँस न लें क्योंकि मुँह से साँस लेने पर ठंड भीतर चला जाता है जो रोग को बढ़ाने में मदद करता है।

जवानी में उडऩे लगे बाल तो ये अपनाएं ये देसी नुस्खे SHARE THIS.

जवानी में उडऩे लगे बाल तो ये अपनाएं ये देसी नुस्खे


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आजकल कम उम्र में बालों का उड़ना और गंजापन एक आम समस्या बनता जा रहा है गंजेपन के कारण कोई भी व्यक्ति अपनी उम्र से बड़ा दिखाई देने लगता है और एक बाल उड़ने शुरू हो जाते हैं तो उन्हें रोकना बहुत मुश्किल होता है। वैसे तो बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन अनुवांशिक कारणों के अलावा विकार, किसी विष का सेवन कर लेने, उपदंश, दाद, एक्जिमा आदि के कारण ऐसा हो जाता है। आज हम बताने जा रहे हैं आपको कुछ ऐसे नुस्खों के बारे में जो गंजेपन की समस्या में रामबाण हैं….
- नमक का अधिक सेवन करने से गंजापन आ जाता है। पिसा हुआ नमक व काली मिर्च एक-एक चम्मच नारियल का तेल पांच चम्मच मिलाकर गंजेपन वाले स्थान पर लगाने से बाल आ जाते हैं। कलौंजी को पीसकर पानी में मिला लें। इस पानी से सिर को कुछ दिनों तक धोने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं और बाल घने भी होना शुरू हो जाते हैं।
– अगर बालों का गुच्छा किसी स्थान से उड़ जाए तो गंजे के स्थान पर नींबू रगड़ते रहने से बाल दुबारा आने लगते हैं। जहां से बाल उड़ जाएं तो प्याज का रस रगड़ते रहने से बाल आने लगते हैं। बालों में नीम का तेल लगाने से भी राहत मिलती है।
- बाल झड़ते हैं तो गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाएं। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगा लें। 15 मिनट बाद बाल गरम पानी से सिर को धोएं। ऐसा करने पर कुछ ही दिनों बालों के झड़ने की समस्या दूर हो जाएगी।
- लहसुन का खाने में अधिक प्रयोग करें। उड़द की दाल उबाल कर पीस लें। इसका सोते समय सिर पर गंजेपन की जगह लेप करें। हरे धनिए का लेप करने से भी बाल आने लगते हैं। केले के गूदे को नींबू के रस के साथ पीस लें और लगाएं, इससे लाभ होता है।अनार के पत्ते पानी में पीसकर सिर पर लेप करने से गंजापन दूर होता है।

जीरा खाएं मोटापा घटाएं 15 दिन में 5 kg वजन कम करें |


जीरा खाएं मोटापा घटाए

जीरे का पानी कैसे वजन कम करता है जबरदस्त उपाय
वजन कम करना एक समस्या की तरह है जीरे का रोज सेवन करने से घटता है वजन यह फेट के अवशोषण को बाधित करता है जीरे के सेवन से पाचन तंत्र होता है दरुस्त
जीरा खाएं वजन घटाएं :-
जीरा एक ऐसा मसाला है जो खाने में बेहतरीन स्वाद और खुशबू देता है इसकी उपयोगिता केवल खाने तक ही सिमित नहीं है बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी है कई रोगों में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है जीरे में मैंगनीज, लोह तत्व ,मैग्नीशियम ,कैलशियम , जिनक और फास्फोरस भरपूर मात्रा में है इसे मेक्सिको ,इंडिया और अमेरिका में बहुत इस्तेमाल किया जाता है इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कई यह बड़ी तेजी से वजन कम करता है
वजन कम करने के साथ ही यह बहुत सारी अन्य बीमारियों से भी बचाता है जैसे कोलोस्ट्रोल कम करता है – हर्टअटैक से बचाता है – स्मरण शक्ति बढ़ाता है – खून कई कमी दूर करता है – पाचन तंत्र ठीक कर गैस व् ऐठन ठीक करता है
जीरा कैसे 15 दिन में 5 किलो वजन कम करता है
जीरा पानी बनाने कई विधि :-
दो बड़े चम्मच जीरा एक गिलास पानी में भिगो कर रात भर के लिए रख दे
सुबह उसे उबाल ले और गर्म चाय कई तरह घूंट-घूंट भर के पिए बचा हुआ जीरा भी चबा ले इसके रोजाना सुबह खाली पेट सेवन से शरीर के किसी भी कोने से अनावशयक चर्बी बाहर निकल जाती है
दही के साथ जीरा पाउडर :-
जीरे को आप वजन कम करने के लिए किसी भी तरह से खा सकते है
50 ग्राम दही में एक चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर हर रोज खाएं
जीरे को इस्तेमाल करने के और तरिके :-
वेजिटेबल सूप बनाए और इसमें एक चम्मच जीरा डाले
3 ग्राम जीरा पाउडर को पानी में मिला इसमें कुछ बुँदे शहद कई डाले और पि जाये
ब्राउन राईस बनाए और इसमें जीरा डाले – यह सिर्फ आपका स्वाद नहीं बढ़ाएगा बल्कि आपका वजन भी कम करेगा
नींबू , अदरक और जीरा :-
अदरक और नींबू दोनों जीरे के वजन कम करने की क्षमता को बढ़ाती है इसके लिए गाजर और थोड़ी सब्जियों को उबाल ले इसमें अदरक को कद्दूकस कर ले और ऊपर से जीरा और नींबू का रस डाले और इसे रात को खाएं
चर्बी को कम करता है :-
जीरे में मौजूद पौषक तत्व और एंटी आक्सिडेंट चयापचय को बढ़ाता है जिससे पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है
जीरा पाचन किर्या को बढ़ाता और गैस से बचाता है जीरा खाने को पाचन में मदद करता है जिससे गैस कम बनती है ऐठन और पेट फूलना ख़राब पाचन की समस्या है जीरा गैस को बनने से रोकता है जिससे पेट में अच्छे से खाना पच जाता है
हार्ट अटैक से बचाता है जीरा :-
ख़राब कोलेस्ट्रॉल और फेट को शरीर में बनने से रोकता है जीरा इसलिए यह वजन कम करने में मदद करता है साथ ही हार्ट अटैक से भी बचाता है जीरा

सफेद बालों को नेचुरल काला करने का रामबाण घरेलू नुस्खा


सफेद बालों को नेचुरल काला करने का रामबाण घरेलू नुस्खा

बालों का असमय पकना व् सफ़ेद होने का रामबाण घरेलू नुस्खा | बालों को घने काले और लम्बे बनाने का चमत्कारी नुस्खा
असमय बालों का पकना या सफेद होना आजकल एक आम समस्या है बालों के कम उम्र में सफेद हो जाने के कारण कई कन्याओं या बालको के विवाह में भी बाधा उतपन्न हो जाती है

कारण :-
मानसिक तनाव ,दुर्घटना,भरपूर पोषक तत्वों कई कमी और नजला जुकाम आधी
उपचार :-
1. आवश्यकतानुसार आंवला चूर्ण और तुलसी के 21 पत्ते पानी में घोल ले एक पेस्ट सा बना ले सूखने पर हल्का -हल्का रगड़कर धो ले असर शीघ्र सामने आ जाएगा किन्तु आप इस क्रम को रोजाना करते हुए चार महीने तक जारी रखें
2. काला भांगरा अच्छी प्रकार पीस क़र और उसमे काले तिल मिलाकर रख ले रोज सुबह खाली पेट दो चमच्च यह मिश्रण खूब चबा-चबा क़र खाएं और ऊपर से 250 ग्राम देसी गाय का दूध पि ले बाल काले होने शुरू हो जाएंगे बाल काले होने के बाद भी एक महीने तक इसे जरी रखें
3. त्रिफला पाऊडर पानी में घोलकर दो घण्टे के लिए रख दे दो घण्टे बाद सिर को इसके पानी से धोए इस क्रम को उपरोक्त खाने वाले मिश्रण के साथ जारी रखें बाल शीघ्र काले होने शुरू हो जाएंगे
4. रात्रि सोते समय चमच्च भर आंवला चूर्ण दो घूंट पानी में अच्छी प्रकार से घोलकर पिएं
अधिक जानकारी कई लिए हमारी वेबसाइट को विजिट करें जो निम्न प्रकार है :
सावधानिया :-
1. जुकाम या नजला होने पर एलोपेथी दवाई के प्रयोग से बचें इससे नजला बाहर निकलने क़ी बजाय सिर में ही जाम हो जाता है और अन्य कई सिर समन्धी रोगों का कारण बनता है जिनमें से बालों का पकना भी एक है
2. दही,लस्सी आदि का अधिक सेवन करना है
3. तली हुई और बासी चीजें न खाएं यह पाचन किर्या पर बुरा प्रभाव डालती है
4. शीतल पेय ,फ्रिज का ठण्डा पानी आदि न पिएं
5. सिर क़ी मालिश ज्यादा जोर-जोर से रगड़कर न करें
6. नजला हो तो शीघ्र आयुर्वेदिक दवा से उपचार करवाए नजला जुकाम में एलोपेथी से बचें
7. रबड़ कई जूते चप्पल न पहनें
8. शौच न रोकें सही समय पर जाएं सुबह जल्दी उठकर शौचादि क़ी आदत डाल लें , रोगों से दुरी बनी रहेगी
9. अंग्रेजी साबुनों से या सोडे वाले देसी साबुन से बाल न धोए

यह चेहरे नकाब जादुई दाग, मुँहासे निशान और झुर्रियों को हटा दूसरा प्रयोग करने के बाद


यह चेहरे नकाब जादुई दाग, मुँहासे निशान और झुर्रियों को हटा दूसरा प्रयोग करने के बाद

जब भी मैं फेसपैक लगाती हूं तो मेरे दिमाग में कुछ सवाल जरूर आते हैं। जैसे कि ग्लोइंग स्किन पाने के लिए मुझे कितने दिनों के बाद फेसपैक लगाना चाहिए? क्या स्मूद और क्लियर स्किन के लिए नैचुरल फेस पैक का इस्तेमाल करना ही सबसे अच्छा तरीका है? क्या हर तरह की स्किन के लिए अलग फेसपैक लगाया जाना चाहिए? क्या मैं ग्लोइंग स्किन के लिए नींबू, नीम और दूसरे घरेलू उपायों का इस्तेमाल कर सकती हूं?
इस सवाल का जवाब फोर्टिस हॉस्पिटल, मुंबई की कंसल्टेंट डर्मटॉलोजिस्ट और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर स्मृति नासवा सिंह ने दिया।

डॉक्टर स्मृति के अनुसार फेसपैक का इस्तेमाल स्किन-टाइप देखकर किया जाता है। ड्राई स्किन, ऑयली स्किन, नॉर्मल स्किन, सेंसिटिव स्किन और कॉम्बिनेशन स्किन सबके लिए एक तरह के फेसपैक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। अगर आपकी स्किन नॉर्मल, सेंसिटिव या ड्राई है तो आपको तीन हफ्तों में या एक महीने में एक बार फेसपैक लगाना चाहिए। वहीं ऑयली स्किन होने पर हर 15 दिन में फेसपैक लगाया जा सकता है। कॉम्बिनेशन स्किन वाले लोग हफ्ते में एक बार फेसपैक लगाएंगे तो अच्छे परिणाम दिखेंगे
सारी स्किन-टाइप में से कॉम्बिनेशन स्किन टाइप ऐसा है जिसकी देखभाल करना थोड़ा मेहनत वाला काम है। इस टाइप की स्किन में माथे और नाक के आसपास स्किन ऑयली होती है, जबकि बारी ड्राई। इस तरह की स्किन के लिए आपको दो तरह के फेसपैक इस्तेमाल करने पड़ते हैं। एक ऑयली स्किन के लिए और दूसरा ड्राई स्किन के लिए। आप कोई भी फेसपैक इस्तेमाल करें, जरूरी है जब स्किन थोड़ी गीली हो उस पर मॉश्चराइज़र लगाएं जिससे वो हाइड्रेटेड रहे।
ग्लोइंग स्किन के लिए नींबू, नीम का इस्तेमाल
नींबू को सीधा स्किन पर लगाने से उसे नुकसान हो सकता है। इससे स्किन रैशिज़ हो सकते हैं और स्किन लाल हो सकती है। अगर आप टैनिंग और पिगमेंटेशन दूर करना चाहती हैं तो विटामिन सी वाली चीज़ें आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। डॉक्टर स्मृति कहती हैं कि नीम के इस्तेमाल से स्किन ड्राई हो सकती है। इससे बेहतर है आप ऐलोवेरा का इस्तेमाल करें इससे स्किन पर नमी बनी रहती है और स्किन साफ भी रहती है