Saturday, 31 October 2015

मोटापा कम करने के घरेलू नुस्खे


सामान्‍य जुकाम और खांसी के लिए 10 घरेलू उपचार

    जुकाम और खांसी
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    सामान्‍य जुकाम और खांसी के लिए 10 घरेलू उपचार


     जुकाम और खांसी

    मौसम में बदलाव के साथ ही कई प्रकार की बीमारियां व्‍यक्ति को अपना शिकार बनाती है। इनमें जुकाम और खांसी सबसे सामान्‍य हैं। साधारण सी बीमारी लगने वाली ये बीमारी आपको बहुत परेशान कर सकती है। इसके उपचार के लिए आप घरेलू उपाय आजमा सकते हैं, ये आसानी से उपलब्‍ध होते हैं और इनका कोई भी साइड इफेक्‍ट भी नही पड़ता है।

    हल्‍दी

    जुकाम और खांसी से बचाव के लिए हल्‍दी बहुत ही अच्‍छा उपाय है। यह बंद नाक और गले की खराश की समस्‍या को भी दूर करता है। जुकाम और खांसी होने पर दो चम्‍मच हल्‍दी पावडर को एक गिलास दूध में मिलकार सेवन करने से फायदा होता है। दूध में मिलाने से पहले दूध को गर्म कर लें। इससे बदं नाक और गले की खराश दूर होगी। सीने में होने वाली जलन से भी यह बचाता है। हती नाक के इलाज के लिए हल्दी को जलाकर इसका धुआं लें, इससे नाक से पानी बहना तेज हो जाएगा व तत्काल आराम मिलेगा।

वजन घटाने में बहुत मददगार होता है घी।

ghee for weight loss in hindi

वजन घटाने में बहुत मददगार होता है घी। 


घी का नाम सुनते ही ज्‍यादातर लोगों को मोटापे का डर सताने लगता है। लोग सोचते हैं कि घी का सेवन करने से शरीर में चर्बी ज्यादा मात्रा में बढ़ जाती है। और अपनी सेहत को लेकर सजग रहने वाले लोग घी खाना सेहत के लिए अच्‍छा नहीं मानते। उनके अनुसार घी का सेवन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक होता है। लेकिन आपको यह जानकर बहुत आश्‍चर्य होगा कि घी न केवल हमें स्‍वस्‍थ बनाने बल्कि वजन घटाने में बहुत मददगार होता है। इसके अलावा घी खाने के कई अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य लाभ भी होते हैं।
शायद आपको इस बात पर विश्‍वास नहीं हो रहा होगा। लेकिन यह बात बिल्‍कुल सच है। घी में खाली कैलोरी ही नहीं होती। बल्कि घी में शॉर्ट चेन फैटी एसिड होते हैं, जिसके कारण यह पचने में आसान होता है।

पीलिया बीमारी को दूर करें

पीलिया बीमारी को दूर करें


(डेंगू के उपचार के लिए आजमायें ये घरेलू नुस्‍खे, जरूर पढ़िए)

पीलिया बीमारी को कैसे पहचानें?

पीलिया (वायरल हेपेटाइटिस-ए तथा ई) प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों में इस बीमारी के लक्षण प्रकट होते हैं।
पीलिया का मुख्य लक्षण है, भोजन का स्वाद न आना, भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना, कमजोरी और थकावट लगना, पेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर दर्द होना, आंखें और त्वचा का रंग पीला होना आदि है।
सभी को इससे नुकसान होता है, लेकिन इससे गर्भवती महिलाओं को अधिक खतरा होता है। उन्हें विशेष सावधानी बहुत जरूरी है।(डेंगू के उपचार के लिए आजमायें ये घरेलू नुस्‍खे, जरूर पढ़िए)

लक्षण दिखने पर क्या करें?

तत्काल मेडिकल काॅलेज अस्पताल या निकट के स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क कर उपचार शुरू करें।
यदि स्वास्थ्य केन्द्र तक जाने में असुविधा हो तो टोल फ्री नम्बर 108, किसी भी फोन से डायल कर निःशुल्क संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें।
चिकित्सकीय सलाह व अस्पताल के सम्बन्ध में जानकारी हेतु 104 स्वास्थ्य परामर्श सेवा टोल फ्री नम्बर पर किसी भी फोन से सलाह प्राप्त करें।
रोगी को संपूर्ण आराम करने दे, उबला हुआ पानी और बिना तेल, घी, मसाले का सुपाच्य भोजन दे।

जन्म देते ही जुड़वा बेटीयौं को उनकी ही माँ ने ठुकरा दिया तो उसी अस्पताल की डॉक्टर कुमारी कोमल ने गोद ले लिया सभी सहयोगी स्टाफ के मना करने के बावज़ूद सारी कानूनी कार्यवाही कर के अपने गाँव ले गयी जहाँ ईनके माता पिता और गाँव के लोग भी इनके इस कार्य की सराहना कर रहे हैं आप सब मित्र भी इनका हौसला बढ़ायें और लाइक करके बताये कि हम उनके साथ है


Friday, 30 October 2015

डेंगू के उपचार के लिए आजमायें ये घरेलू नुस्‍खे

डेंगू के लिए घरेलू नुस्खे

डेंगू के उपचार के लिए आजमायें ये घरेलू नुस्‍खे

डेंगू का उपचार समय पर न हो तो यह जानलेवा भी हो सकता है, इसके उपचार के लिए आप घर में मिलने वाले इन आसान नुस्‍खों से इससे बचाव कर सकते हैं। इन नुस्‍खों से दूसरों की मदद भी करें।

डेंगू के लिए घरेलू नुस्खे

डेंगू का प्राकोप आजकल बहुत तेजी से फैल रहा है। यह बीमारी एडीज मच्छर द्वारा काटने से होती है। डेंगू के बारे में सबसे खास बात यह है कि इसके मच्छर दिन के समय काटते हैं तथा यह मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। डेंगू के दौरान रोगी के जोड़ों और सिर में तेज दर्द होता है और बड़ों के मुकाबले यह बच्चों में ज्यादा तेजी फैलती है। डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स का स्तर बहुत तेजी से नीचे गिरने के कारण यदि इसका इलाज तुरंत न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। डेंगू से बचाव के लिए कुछ घरेलू उपाय भी हैं जिन्हें अपनाकर डेंगू से बचाव संभव है। हम आपको कुछ ऐसे ही घरेलू और प्राकृतिक नुस्खे बता रहे हैं ताकि आप खुद को डेंगू के प्रकोप से बचा सकें।

बोम्बे-कराची हल्वा

बोम्बे-कराची हल्वा


बोम्बे कराची हल्वा आपको खाने में बेहद पसंद आएगा. इसका स्वाद बाकी सारे तरह के हल्वे से अलग होता है. देशी घी और सूखे मेवों से भरा हुआ ये हल्वा दबाने में रबर जैसा लगता है इसलिए इसे रबर हल्वा भी कहते हैं. ये खास प्रकार का सिन्धी हल्वा देखने में चम्कीला और स्वाद में लज़ीज़ होता है. थोडा़ सा धैर्य रखकर इसे बनाएं और देखें कि ये बहुत अच्छा बनता है.(बूंदी के लड्डू बनाने की सुन्दर विधि, जरूर पढ़िए )

ज़रूरी सामग्री:

  •     कार्न फ्लोर - 1 कप (100 ग्राम)
  •     चीनी - 2 कप ( 450 ग्राम)
  •     घी - 1/2 कप (125 ग्राम)
  •     काजू - आधा कप (छोटे छोटे कटे हुये)
  •     पिस्ते - 1 टेबल स्पून (बारीक पतले कटे हुये)
  •     टाटरी (टार्टरिक एसिड)- 1 /4 छोटी चम्मच पाउडर (2 मटर के दाने बराबर)
  •     छोटी इलाइची - 4-5 (छील कर पाउडर बना लें)

मोटापे को घटाने के 20 मुख्या उपाए

मोटापे को घटाने के 20  मुख्या उपाए  
हाल के बरसों में मोटापा लोगों की एक बड़ीसमस्या बन चुका है। जो लोग फिट हैं , वे वजनबढ़ने नहीं देना चाहते और
 जो मोटे हैं , वे इसेघटाना चाहते हैं। एक्सर्पट्स की सलाह से यहां हमफिट रहने के तरीके बता रहे हैं :

जानें अपना BMI 
यह जानना बेहद जरूरी है कि असल में फिट किसेकहें। इसका सीधा - सा फंडा है बीएमआई यानीबॉडी मास इंडेक्स।
स्वस्थ व्यक्ति के लिएडब्ल्यूएचओ ने 25 और भारत सरकार ने 23बीएमआई तय किया है क्योंकि भारतीयों के शरीरमें पश्चिमी देशों के लोगों के मुकाबले 5 फीसदी फैट ज्यादा होता है।

वजन घटाने के तरीके 
योग 
वजन कम करने का सबसे सटीक और सरल तरीका है योग। ये आसन वजन कम करने मेंमददगार हैं :
कपालभाति सांस को तेजी से नाक से बाहर फेंकें , जिससे पेट अंदर - बाहर जाएगा। 5-10मिनट करें। हाई बीपी वाले धीरे - धीरे करें और कमर दर्द वाले कुर्सी पर बैठकर करें।

अग्निसार खड़े होकर पैरों को थोड़ा खोलकर हाथों को जंघाओं पर रखें। सांस को बाहर रोक दें।फिर पेट की पंपिंग करें यानी पेट अंदर खींचें , फिर छोड़ें। स्लिप डिस्क , हाई बीपी या पेट काऑपरेशन करा चुके लोग इसे न करें।
( सर्दियों में फायदेमंद और नुकसानदायक आहार, जरूर पढ़िए )
उर्ध्व हस्तोत्तानासन खड़े होकर पैरों को थोड़ा खोलें। हाथों की उंगलियों को फंसाकर सिर केऊपर उठा लें। सांस निकालें और कमर को लेफ्ट साइड में झुका लें। दूसरी ओर भी करें।

दुत उत्तानपादासन कमर के बल लेटकर हाथों को जंघाओं के नीचे जमीन पर रखें। दोनों पैरोंको 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं। इस प्रकार जमीन पर बिना टिकाए बार - बार पैरों को ऊपर -नीचे करते रहें। कमर दर्द वाले इसे न करें।

हृदय स्तंभासन कमर के बल लेटकर हाथों को जंघाओं के ऊपर रखें। सांस भरकर पैरों कोउठाएं। सिर और कमर को उठाएं। इस दौरान शरीर का भार हिप्स पर रहेगा।

द्विपाद साइकलिंग कमर के बल लेटे - लेटे ही दोनों पैरों को मिलाकर एक साथ साइकलिंगकी तरह घुमाएं। थकान होने तक लगातार घुमाते रहें। हाथों को कमर के नीचे रखें।

भुजंगासन पेट के बल लेटकर दोनों हाथों को हिप्स के नीचे रखें। सांस भरते हुए आगे से सिरऔर छाती को ऊपर
उठाकर पीछे की ओर मोड़ लें।


सर्दियों में फायदेमंद और नुकसानदायक आहार

सर्दियों में फायदेमंद और नुकसानदायक आहार


वजन घटाने के लिए अपनाये यह तकनीक


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अंडे के फेसपैक से निखारे सौंदर्य

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5 मिनट की दौड़ के आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ


 5 मिनट की दौड़ के  आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ

मौसमी का रस

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Thursday, 29 October 2015

साधारण लौकी के असाधारण गुण


साधारण लौकी के असाधारण गुण


झाईयों हेतु घरेलू नुस्खा

झाईयों हेतु घरेलू नुस्खा


अवश्य करें गुड़ का सेवन

अवश्य करें गुड़ का सेवन


पृथ्वी का सर्वश्रेष्ठ Probiotic “छाछ”

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छोटा- सा परवल बड़ा गुणकारी

छोटा- सा परवल बड़ा गुणकारी

अदरक से 25 रोगो में लाभ

अदरक Ginger

परिचय (Introduction)

 

भोजन को स्वादिष्ट व पाचन युक्त बनाने के लिए अदरक का उपयोग आमतौर पर हर घर में किया जाता है। वैसे तो यह सभी प्रदेशों में पैदा होती है, लेकिन अधिकांश उत्पादन केरल राज्य में किया जाता है। भूमि के अंदर उगने वाला कन्द आर्द्र अवस्था में अदरक, व सूखी अवस्था में सोंठ कहलाता है। गीली मिट्टी में दबाकर रखने से यह काफी समय तक ताजा बना रहता है। इसका कन्द हल्का पीलापन लिए, बहुखंडी और सुगंधित होता है।