Monday, 16 November 2015

सभी रोगो में तुलसी प्रयोग



सभी रोगो में तुलसी प्रयोग
Tulsi is very beneficial in many diseases. Taking tulsi daily in empty stomach get rid off many diseases.





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Saturday, 14 November 2015

किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के पहले इस दवा का प्रयोग जरूर

जिन लोगो को डॉकटरो ने किडनी ट्रांसप्‍लांट की सलाह दी हो, या डायलसिस चल रहा हो तो उन्हे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के पहले इस दवा का प्रयोग जरूर करके देखना चाहिए हो सकता है कि ट्रांसप्‍लांट की नौबत ना आए। बता रहे हैं श्री ओम प्रकाश जी जिनको यही समस्या 2009 में आई थी, और डॉक्टर ने उनको किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए बोल दिया था। तो उन्होंने ना ही सिर्फ अपनी किडनी को स्वस्थ किया बल्कि ऐसे अनेक लोगो को भी इसका दम्भ झेलने से बचाया।
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Sunday, 1 November 2015

बालों का सफेद होना

बालों का सफेद होना (Hair Greying)

परिचय:-

वैसे देखा जाए तो बढ़ती उम्र के साथ-साथ बालों का सफेद होना आम बात है, लेकिन समय से पहले बालों का सफेद हो जाना एक प्रकार का रोग है। जब यह रोग किसी व्यक्ति को हो जाता है तो उसके बाल दिनों दिन सफेद होने लगते हैं। बालों का सफेद होना एक चिंता का विषय है और विशेषकर महिलाओं के लिए। यदि बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं तो व्यक्ति की चेहरे की सुन्दरता अच्छी नहीं लगती है। इसलिए बालों के सफेद होने पर इसका इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से किया जा सकता है।
बालों के सफेद होने का कारण:-
1. असंतुलित भोजन तथा भोजन में विटामिन `बी´, लोहतत्व, तांबा और आयोडीन की कमी होने के कारण बाल सफेद हो जाते हैं।  
2. मानसिक चिंता करने के कारण भी बाल सफेद होने लगते हैं।  
3. सिर की सही तरीके से सफाई न करने के कारण भी व्यक्ति के बाल सफेद होने लगते हैं।
4. कई प्रकार के रोग जैसे- साईनस, पुरानी कब्ज, रक्त का सही संचारण न होना आदि के कारण बाल सफेद हो सकते हैं।
5. रसायनयुक्त शैम्पू, साबुन, तेलों का उपयोग करने के कारण भी बाल सफेद हो सकते हैं।
6. अच्छी या पूरी नींद न लेने के कारण भी बाल सफेद हो सकते हैं।

(मोटापा कम करने के घरेलू नुस्खे, जरूर पढ़िए )

7. बालों को सही तरीके से पोषण न मिलने के कारण भी ये सफेद हो जाते हैं।
8. अधिक क्रोध, चिंता और श्रम करने पर उत्पन्न हुई गर्मी और पित्त सिर की नाड़ियों तक पहुंचकर बालों को रूखा-सूखा तथा सफेद कर देती हैं।
9. अनियमित खान-पान तथा दूषित आचार-विचार के कारण भी बाल सफेद हो जाते हैं।

मोटापा कम करो कुछ दिनों में

मोटापा कम करो कुछ दिनों में

परिचय:-

जब किसी व्यक्ति के शरीर में चर्बी अधिक हो जाती है तो उसे मोटापा रोग कहते हैं। मोटापा रोग हो जाने के कारण कई व्यक्तियों को कई प्रकार की बीमारियां हो जाती है जैसे- मधुमेह, रक्तचाप, लकवा, हृदय रोग, चर्मरोग, अनिद्रा, गठिया, दमा, बांझपन तथा नपुंसकता आदि। मनुष्य का मोटापा और वजन बढ़ना एक सी बात नहीं है, बल्कि मोटापा शब्द का प्रयोग तब किया जाता है, जब व्यक्ति के शरीर में चर्बी अधिक बढ़ जाती है तथा उसका वजन उसके कद अनुसार कम से कम 20 प्रतिशत से भी ज्यादा हो जाता है तो उस व्यक्ति को मोटा कहा जाता है।
        मोटापा रोग से पीड़ित मनुष्य की चर्बी बढ़ जाती है जिसके कारण उसका शरीर भारी वजन के साथ फैला हुआ रहता है और वह व्यक्ति अधिक मोटा दिखने लगता है।
        मोटापा रोगी की वह अवस्था होती है जिसमें शरीर के अन्दर बहुत अधिक मात्रा में चर्बी जमा हो जाती है। मोटापा बढ़ने से हृदय तथा फेफड़ों जैसे भीतरी अंगों पर ही केवल असर नहीं पड़ता, बल्कि मोटे व्यक्ति को मधुमेह, खून का दबाव तथा जोड़ों में जलन आदि रोग होने की भी संभावना बढ़ जाती है। इस रोग के कारण रोगी को बहुत सारे कार्यों को करने में परेशानी होती है जैसे- चलना, फिरना, दौड़ना, उठना तथा बैठना आदि।
मोटापा रोग होने का कारण-
  • यह रोग अधिक भोजन करने के कारण होता है, ज्यादा भोजन करने से व्यक्ति के शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। जिसके कारण मोटे लोगों की ऊर्जा सम्बंधी आवश्यकताएं भी सामान्य से कम होती हैं क्योंकि उनकी पाचनक्रियाएं सामान्य से भी धीमी हो जाती है।
  • शरीर में मोटापा रोग होने का सबस प्रमुख कारण अपने भोजन में अत्यधिक मात्रा में चर्बी बनाने वाले पदार्थ तथा श्वेतसारिक पदार्थों का उपयोग करना है।
  • मोटापा रोग किसी ग्रंथि की दोषपूर्ण अवस्था होने के कारण से हो सकता है क्योंकि कोई ग्रंथि ठीक काम नहीं करती तो व्यक्ति चाहे कम से कम भोजन का सेवन भी करे लेकिन उस व्यक्ति का भार बढ़ता ही चला जाता है तथा उसके शरीर में चर्बी की मात्रा बढने लगती है और यह रोग व्यक्ति को हो जाता है।