Monday, 28 November 2016

मोटापे को घटाने के 20 मुख्या उपाए


मोटापे को घटाने के 20  मुख्या उपाए   


हाल के बरसों में मोटापा लोगों की एक बड़ीसमस्या बन चुका है। जो लोग फिट हैं , वे वजनबढ़ने नहीं देना चाहते और
 जो मोटे हैं , वे इसेघटाना चाहते हैं। एक्सर्पट्स की सलाह से यहां हमफिट रहने के तरीके बता रहे हैं :

जानें अपना BMI 
यह जानना बेहद जरूरी है कि असल में फिट किसेकहें। इसका सीधा - सा फंडा है बीएमआई यानीबॉडी मास इंडेक्स।
स्वस्थ व्यक्ति के लिएडब्ल्यूएचओ ने 25 और भारत सरकार ने 23बीएमआई तय किया है क्योंकि भारतीयों के शरीरमें पश्चिमी देशों के लोगों के मुकाबले 5 फीसदी फैट ज्यादा होता है।

वजन घटाने के तरीके 
योग 
वजन कम करने का सबसे सटीक और सरल तरीका है योग। ये आसन वजन कम करने मेंमददगार हैं :
कपालभाति सांस को तेजी से नाक से बाहर फेंकें , जिससे पेट अंदर - बाहर जाएगा। 5-10मिनट करें। हाई बीपी वाले धीरे - धीरे करें और कमर दर्द वाले कुर्सी पर बैठकर करें।

अग्निसार खड़े होकर पैरों को थोड़ा खोलकर हाथों को जंघाओं पर रखें। सांस को बाहर रोक दें।फिर पेट की पंपिंग करें यानी पेट अंदर खींचें , फिर छोड़ें। स्लिप डिस्क , हाई बीपी या पेट काऑपरेशन करा चुके लोग इसे न करें।
( सर्दियों में फायदेमंद और नुकसानदायक आहार, जरूर पढ़िए )
उर्ध्व हस्तोत्तानासन खड़े होकर पैरों को थोड़ा खोलें। हाथों की उंगलियों को फंसाकर सिर केऊपर उठा लें। सांस निकालें और कमर को लेफ्ट साइड में झुका लें। दूसरी ओर भी करें।

दुत उत्तानपादासन कमर के बल लेटकर हाथों को जंघाओं के नीचे जमीन पर रखें। दोनों पैरोंको 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं। इस प्रकार जमीन पर बिना टिकाए बार - बार पैरों को ऊपर -नीचे करते रहें। कमर दर्द वाले इसे न करें।

हृदय स्तंभासन कमर के बल लेटकर हाथों को जंघाओं के ऊपर रखें। सांस भरकर पैरों कोउठाएं। सिर और कमर को उठाएं। इस दौरान शरीर का भार हिप्स पर रहेगा।

द्विपाद साइकलिंग कमर के बल लेटे - लेटे ही दोनों पैरों को मिलाकर एक साथ साइकलिंगकी तरह घुमाएं। थकान होने तक लगातार घुमाते रहें। हाथों को कमर के नीचे रखें।

भुजंगासन पेट के बल लेटकर दोनों हाथों को हिप्स के नीचे रखें। सांस भरते हुए आगे से सिरऔर छाती को ऊपर
उठाकर पीछे की ओर मोड़ लें।

उज्जायी प्राणायाम थायरॉइड के मरीजों के लिए यह काफी फायदेमंद है। सीधे बैठकर सांसबाहर निकालें।
 अब सांस भरते हुए गले की मांसपेशियों को टाइट करें और सांस भरते जाएं। गलेसे घर्षण की आवाज करते जाएं। फिर नाक से सांस धीरे - से बाहर निकाल दें।

इन सभी प्राणायाम - आसनों को 8-10 बार दोहराएं। अगर सुबह नियमित रूप से ये आसन किएजाएं तो एक महीने में 5 किलो तक वजन कम हो सकता है।

नेचरोपैथी 
नेचरोपैथी में वजन कम करने के लिए नेचरल तरीका अपनाया जाता हैं। इसमें तीन स्टेप होते हैं:
1. मसाज व स्टीम मसाज के लिए शीशम , ओलिव या सरसों का तेल और जड़ी - बूटियोंवाला पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद स्टीम दी जाती है।

2. कटि स्नान इसके लिए व्यक्ति को अलग - अलग तापमान के पानी में बिठाया जाता है।इससे कब्ज से छुटकारा मिलता है।

3. स्पेशल पैक बॉडी पर स्पेशल पैक लगाए जाते हैं। जमीन से दो फुट नीचे से निकाली गईमिट्टी से मड पैक तैयार किया जाता है , जो शरीर से जहरीले पदार्थों को निकालता है। इसमें12-15 सिटिंग में 5 किलो तक वजन घट सकता है। इसके लिए 2-5 हजार रुपए चार्ज किए जातेहैं।

आयुर्वेद ( सर्दियों में फायदेमंद और नुकसानदायक आहार, जरूर पढ़िए )
आयुर्वेद में इलाज मुख्यत : जड़ी - बूटियों पर आधारित होता है। यह करीब - करीब नेचरोपैथीजैसा ही है। इसमें भी मसाज और स्टीम बेस्ड तकनीक होती है। मसाज के लिए अदरक , कुलष्ठाव दूसरी बूटियों मिला तेल या पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। फिर स्टीम दी जाती है। खास पैकभी लगाया जाता है। इन सब तरीकों से फैट पिघल जाता है। आयुर्वेद में आमतौर पर 10-15सीटिंग में पांच किलो तक वजन घट सकता है। 5 हजार से 20 हजार रुपये तक चार्ज किए जातेहैं। इसका फायदा यह है कि शरीर ढीला नहीं पड़ता और वजन अचानक वापस नहीं आता। डॉक्टरकी सलाह से त्रिफला , आयोग्यवर्धिनी , घृतकुमारी आदि दवाएं भी ले सकते हैं।

होम्योपैथी 
खाना खाने के बाद दिन में तीन बार 10-15 बूंदें फायटोलका डिकंड्रा क्यू (Phytolaca Decandra Q) या फ्यूकस वेस क्यू (Fuccus Ves Q) चौथाई कप पानी में लें। कैल्केरिया कार्ब (Calc. Carb.) की 4-5 गोलियां भी दिन में तीन बार ले सकते हैं। ये दवाएं फैट कम करती हैं औरनियमित लेने पर दो - तीन महीने में असर दिखने लगता है। इन दवाओं का कोई साइड इफेक्टनहीं है


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