Saturday, 30 April 2016

आम का शेक(Mango Milk Shake)

आम का शेक(Mango Milk Shake)



गर्मियों मे हर कोई आम का शेक जरूर पीना पसंद करता है। अगर आप घर से बाहर जाएंगे तो, आप को आम के शेक की दुकान जरूर नज़र आयेंगी। इसे आप घर पर भी बना सकते है इसे बनाना बहुत आसान है। अगर बच्चे दूध पीना पसंद नहीं करते हो तो आप इसे पीने के लिए दे सकते है।

हिचकी को दूर भगाने के लिए ये 10 रामबाण टिप्स

 हिचकी को दूर भगाने के लिए ये 10 रामबाण टिप्स




हिचकी आने के कई कारण हो सकते हैं । लगातार हिचकी आना भी एक तरह से बीमारी है। अगर सामान्य उपायों के बाद भी हिचकी ना रूक रही हो, तो डॉक्टर से राय कर लेना बेहतर होता है। यूं तो हिचकी आना आम बात है और यह कभी भी कहीं भी आ सकती है। हिचकी को लेकर आप काफी परेशान हो जाते हैं लेकिन कई बार हिचकी को रोक पाना काफी मुश्किल हो जाता है।   6 तरीके जो 7 दिन में मोटापे को कम कर देंगे
हिचकी को रोकने के लिए आप कई तरह के उपाय करते हैं जैसे पानी पीना या अन्य उपाय अजमाना लेकिन उसके बाद भी हिचकी नहीं रूकती। हिचकी से आपके शरीर में अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। हम कुछ ऐसे उपायों बता रहे रहे हैं जिसे करने से हिचकी तुरंत छूमंतर हो जाएगी।
हालांकि हिचकी के होने के पीछे के ठोस कारण का पता अब तक नहीं चल सका है लेकिन इनका होना और फिर गायब हो जाना कई सारी चीजों से जुड़ा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि अमूमन डायफ्राम की मसल्स के अचानक सिकुड़ने की वजह से हिचकी की स्थिति बनती है। ऐसे में कई सारे घरेलू उपाय इस स्थिति से उबरने में मदद कर सकते हैं और कई बार हिचकी अपने  आप भी रुक जाती है।
सामान्य मामलों के अलावा डॉक्टर टेस्ट के जरिए यह स्पष्ट कर लेता है कि समस्या कहां है और दवाओं के जरिए इसे काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। लेकिन कई मामलों में हिचकी की समस्या बहुत लम्बे समय तक भी जारी रह सकती है और ऐसे में धैर्य के साथ ही सही इलाज को पूरे समय अपनाने की जरूरत भी होती है। आईए हिचकी रोकने के लिए कुछ उपायों पर चर्चा करते है। यह सभी उपाय सामान्य हिचकी रोकने के लिए है।
अपनी सांसों को रोके : एक लंबी सांस लें और उसे कुछ सेकेंड के लिये रोक कर रखें। जानकारों के मुताबिक जब फेफड़ों में जमा कार्बन डाइऑक्‍साइड भर जाएगा और डायफ्राम उसे निकालेगा तो हिचकी आना खुद-ब-खुद बंद हो जाएगी।6 तरीके जो 7 दिन में मोटापे को कम कर देंगे



पुत्र प्राप्ति के लिए l PUTRA PRAPTI KE UPAY

मनपंसद संतान-प्राप्ति के यो

स्त्री के ऋतु दर्शन के सोलह रात तक ऋतुकाल रहता है,उस समय में ही गर्भ धारण हो सकता है,उसके अन्दर पहली चार रातें निषिद्ध मानी जाती है,कारण दूषित रक्त होने के कारण कितने ही रोग संतान और माता पिता में अपने आप पनप जाते है,इसलिये शास्त्रों और विद्वानो ने इन चार दिनो को त्यागने के लिये ही जोर दिया है।

चौथी रात को ऋतुदान से कम आयु वाला पुत्र पैदा होता है,पंचम रात्रि से कम आयु वाली ह्रदय रोगी पुत्री होती है,छठी रात को वंश वृद्धि करने वाला पुत्र पैदा होता है,सातवीं रात को संतान न पैदा करने वाली पुत्री,आठवीं रात को पिता को मारने वाला पुत्र,नवीं रात को कुल में नाम करने वाली पुत्री,दसवीं रात को कुलदीपक पुत्र,ग्यारहवीं रात को अनुपम सौन्दर्य युक्त पुत्री,बारहवीं रात को अभूतपूर्व गुणों से युक्त पुत्र,तेरहवीं रात को चिन्ता देने वाली पुत्री,चौदहवीं रात को सदगुणी पुत्र,पन्द्रहवीं रात को लक्ष्मी समान पुत्री,और सोलहवीं रात को सर्वज्ञ पुत्र पैदा होता है। इसके बाद की रातों को संयोग करने से पुत्र संतान की गुंजायश नही होती है। इसके बाद स्त्री का रज अधिक गर्म होजाता है,और पुरुष के वीर्य को जला डालता है,परिणामस्वरूप या तो गर्भपात हो जाता है,अथवा संतान पैदा होते ही खत्म हो जाती है।


इस औरत ने अपना वजन किस प्रकार 85 किलो से 54 किलो किया आइए जाने ''

 इस औरत ने अपना वजन किस प्रकार 85  किलो से 54  किलो किया आइए जाने 

नमस्ते दोस्तों! सबनें देखा होगा कि मैनें बहुत ज्यादा वजन घटा लिया है और मुझसे अब बहुत सवाल पूंछे जाने लगे हैं. मैं आप सभी को जवाब देना तथा सहयोग करना चाह रही थी, पर असफल रही- इतनें सारे सवालों के जवाब देने के लिए मुझे हमेशा ऑनलाइन ही रहना पड़ता. इसलिए मैंने यह लेख लिखा ताकि लोगों को जवाब मिल जाए कि “मैनें ३१ किलो वजन कैसे घटाया?” (इसका मतलब यह नहीं कि आप मुझे कुछ लिख नहीं सकते या पूंछ नहीं सकते, इससे बस मेरी जिंदगी आसान हो गयी है). 




मेरे परिवर्तन में २ महीने लगे! शानदार परिणाम मिला, हैं ना?

भूमिका

मैं कभी भी दुबली नहीं थी पर मैनें एक बात पर ध्यान दिया कि मैं मोटी होती जा रही थी.मेरे पेट पर तीन घेरे पद गए थे और मैं बिकिनी में बुलडॉग की तरह दिखती थी, साथ ही मेरे कूल्हों, पैरों और नितम्बों का अकार बढ़ता ही जा रहा था! मैनें हर तरीके से स्वस्थ शरीर पाने का निश्चय किया, इसलिए मैनें तला चिकना खाना खाना बंद कर दिया तथा विलम्ब से आहार लेना भी बंद कर दिया. मैं प्रातः काल दौड़ने तथा शाम को व्यायामशाला में अभ्यास के लिए जाने लगी पर वजन बढ़ता ही जा रहा था. एक महीनें के बाद मेरा वजन भयावह स्थिति में पहुँच गया-लगभग ९० किलो! मैं अपने आहार को और अधिक नियंत्रित करती चली गयी तथा मैनें मांस, ब्रेड फ्राइज और मिठाइयों का त्याग कर दिया. अंत में मैं बस फल तथा सब्जियां खाने लगी एवं केवल पानी पीकर गुजारा करने लगी. मैनें कुछ बहुत ही महंगी वजन घटाने वाली गोलियां तथा चाय आदि लीं पर किसी से भी मुझे कोई फायदा नहीं हुआ. कुछ समय पश्चात, घटा हुआ वजन वापस आ जा रहा था.
''5 टॉप गलतियां , जो बढ़ाती हैं वजन 


दाल मखनी (Daal Makhni Recipe)

दाल मखनी उत्तर भारत (खास कर पंजाब) में बहुत पसंद की जाती है| यह दाल ज़्यादातर functions में बनाई जाती है| प्रोटीन की मात्रा भरपूर होने के कारण यह बहुत पोस्टिक भी होती है|  


अरहर की दाल (arahar daal receipe)

अरहर की दाल रोटी और चावल के साथ खाई जाती है , जिसे पीली दाल भी कहते है। ज़्यादातर लोग इसको चावल के साथ पसंद करते है | ये एक पोस्टिक आहार है जिसमे प्रोटीन की मात्रा काफी होती है |


वजन घटाएंगे ये 10 कदम

वजन घटाएंगे ये 10 कदम  




परिचय  फिटनेस का फीवर युवा पीढ़ी को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। कोई पेट का टायर कम करने के लिए सुबह रस्सी कूदता है, तो कोई कमर पर चढ़ी चर्बी की मोटी परत उतार फेंकने की खातिर दिन भर जूस पीता रहता है। यही वजह है कि जिम और योग सेंटर में युवाओं की भीड़ तेजी से बढ़ रही है। लेकिन उनका क्या जिनके पास न तो जिम जाने का वक्त है और न ही अपनी डायट पर कंट्रोल रख सकते हैं। उनके लिए कई ऐसे घरेलू नुस्खे हैं, जो वजन घटाने में मददगार हो सकते हैं। मृदुला भारद्वाज दे रही हैं पूरी जानकारीः 01. रोज 8 गिलास पानी पीजिए खूब पढ़ा और खूब सुना कि पानी पीने से वजन कम हो जाएगा। लेकिन आखिर कितना पानी पिया जाए जिससे वजन कम हो जाए? एक्सपर्ट जवाब देते हैं कि अगर सामान्य व्यक्ति रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पिए तो उसका वजन काफी हद तक संतुलित हो सकता है। दरअसल पानी शरीर को साफ रखता है और उन तत्वों को शरीर से बाहर निकालता है, जिनसे शरीर में चर्बी बनती है। पानी पीने का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि लोग ओवरईटिंग से बचते हैं। यानी केवल उतना ही खाना खाते हैं, जितनी भूख होती है। जाहिर है कि जब आप कम खाएंगे तो इससे भी मोटापा कंट्रोल में आता है। साथ ही आपका मेटाबॉलिज्म भी दुरुस्त रहेगा, जिससे खाना आसानी से पच जाएगा। चूंकि खाना अच्छे से पचेगा तो वो सारे तत्व जो मोटापे का बायस बनते हैं, आपके शरीर से बाहर चले जाएंगे। ऐसे में आपकी काया छरहरी बनी रहेगी। अगर ज्यादा पानी पीना आपके लिए संभव नहीं है तो आप लेमन टी, जूस या दूध भी ले सकते हैं, ये भी शरीर को अंदर से साफ करते हैं। 02. छोटी-छोटी खुराक लीजिए खुद को भूखा रखकर या सिर्फ एक या दो बार खाकर वजन कम करने की कोशिश न करें। इससे आपकी सेहत पर खराब असर पड़ेगा और वजन भी कम नहीं होगा। आपको कमजोरी महसूस होगी सो अलग। हां, आप ऐसा कर सकते हैं कि एक बार में ज्यादा खाने की जगह छोटी-छोटी खुराक लें। यानी अगर आप दिन में तीन बार खाना खाते हैं और 15 रोटी खाते हैं तो रोटी की संख्या कम करने के बजाय खाने का समय बढ़ा दीजिए। दिन में पांच बार खाना खाइए और हर बार तीन रोटी खाइए। इससे आप एक साथ अधिक कैलोरी लेने से बच जाएंगे। साथ ही शरीर में जा रही कैलोरी को पचने का समय मिल जाएगा। वजन बढ़ने की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। इसी तरह से अगर आप चाय या कॉफी के शौकीन हैं तो एक कप चाय या कॉफी की जगह आधा कप चाय या कॉफी पिएं। इससे कम शुगर आपके शरीर में जाएगी।

 मोटापा घटाने में कैसी और कब हो आपकी डाइट


बेसन का हलवा (Besan Ka Halwa Recipe)

बेसन का हलवा (Besan Ka Halwa Recipe)

अगर खाना खाने के बाद मीठा खाने का मन हो तो आप घर पर बेसन का हलवा बना सकते है, इसे बनाने मे अधिक टाइम भी नहीं लगता। बच्चे बड़े सब इसे पसंद करते है।

मोटापा घटाने में कैसी और कब हो आपकी डाइट

मोटापा घटाने में कैसी और कब हो आपकी डाइट 






परिचय वजन घटाने के लिए सही वक्त पर सही खाना बेहद जरूरी है। तीनों वक्त खाना खाएं अगर वजन घटाना चाहते हैं तो सबसे पहले जरूरी है कि कोई भी खाना छोड़ें नहीं। तीन प्रॉपर मील और बीच में दो स्नैक्स जरूर लें। कोई खाना छोड़ेंगे तो अगली बार ज्यादा खाएंगे , जो सही नहीं है। दिन की शुरुआत दिन की शुरुआत कॉफी या चाय से न करें। नीबू पानी , नारियल पानी , जूस लिया जा सकता है। ब्रेकफास्ट पर फोकस दिन भर के खाने में सबसे ज्यादा फोकस ब्रेकफास्ट पर होना चाहिए। अक्सर लोग वजन कम करने की धुन में ब्रेकफास्ट नहीं लेते लेकिन रिसर्च कहती हैं कि अगर नियमित रूप से ब्रेकफास्ट लिया जाए तो लंबी अवधि में वजन कम होता है। नाश्ते में हमेशा एक जैसी चीजें न खाएं , बल्कि बदलते रहें। चीनी और जंक फूड से तौबा शुगर , जंक फूड , फास्ट फूड , मिठाइयां खाने की लिस्ट से निकाल दें। कैंडी , जेली , शहद , मिठाई और सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूर रहें। इसी तरह बिस्कुट , केक , पेस्ट्री में काफी फैट और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट होता है , जो मोटापा बढ़ाता है। चीनी ज्यादा नहीं खानी चाहिए। 5 ग्राम (1 चम्मच ) चीनी में 20 कैलरी होती हैं।   
मोटापे में किसके बजाय क्या खाएं

आटे का हलवा (Atta Halwa Recipe)

आटे का हलवा (Atta Halwa Recipe)

 

अगर मीठा खाने का मन हो तो आप घर पर आटे का हलवा बना सकते है, इसे बनाने मे अधिक टाइम भी नहीं लगता। बच्चे बड़े सब इसे पसंद करते है और ये काफी पोष्टिक भी होता है, इसीलिए जच्चे को आटे का हलवा बना कर देते है।

काजू कतली (Kaju Barfi Recipe)

काजू कतली (Kaju Barfi Recipe)

 

काजू कतली तो सभी पसंद करते है। इसे बनाना काफी असान है। इसे आप घर पर भी बना सकते है। इसके लिए हमे खोये की भी अवशकता नहीं होती जैसे और मिठाइयाँ बनाने के लिए होती है।


5 टॉप गलतियां , जो बढ़ाती हैं वजन

5 टॉप गलतियां , जो बढ़ाती हैं वजन



1- कम बार खाना , पर खूब खाना कुछ लोगों को लगता है कि बार - बार खाने से बेहतर है , दिन में सिर्फ तीन बार खाना। ऐसे में ज्यादा भूख लगती है और लोग ज्यादा कैलरी ले जाते हैं। मसलन अगर ब्रेकफास्ट सुबह 9 बजे और लंच दोपहर 2 बजे लेंगे तो भूख ज्यादा लगेगी और लंच में ज्यादा खाना खाएंगे। बीच में 11 या 11:30 बजे अगर फल या ड्राइफ्रूटस या कोई और हेल्दी चीज खा लेंगे तो लंच में खाना कम खाएंगे। हेवी डिनर भी वजन बढ़ने की अहम वजहों में से है। रात में हल्का खाना खाएं। मोटापे को कम करने वाली पाँच सब्जियाँ


बंगाली स्पौंजी रसगुले (Bengali Sponge Rasgulla Recipe)

बंगाली स्पौंजी रसगुले (Bengali Sponge Rasgulla Recipe)

अगर आप मीठे के शोकीन है तो खाने के बाद मीठे मे रसगुले खा सकते है। इन्हे बनाने मे टाइम भी कम लगता है और tasty भी होते है।

मोटापे में किसके बजाय क्या खाएं

मोटापे में किसके बजाय क्या खाएं : -




वाइट ब्रेड के बदले - वाइट ब्रेड सैंडविच के बदले होल वीट या ब्राउन ब्रेड -भरवां परांठा के बदले भरवां रोटी - पुलाव / बिरयानी के बदले - पुलाव / बिरयानी / वाइट राइस के बदले ब्राउन राइस ( मांड निकला )
मोटापे को कम करने वाली पाँच सब्जियाँ


सूजी का हल्वा(suji halwa recipe)

सूजी का हल्वा(suji halwa recipe)

 

सूजी के हलवे को बनाने मे ज्यादा टाइम नहीं लगता है और इसे असानी से बनाया जा सकता है। हलवे को आप नाश्ते मे और खाने के बाद मीठे की तरह खा सकते है। 

ब्रेड का हलवा(Bread Halwa)

ब्रेड का हलवा(Bread Halwa)

 

हलवा तो अनेक प्रकार से बनता है आज हम ब्रेड का हलवा बनाएगे जो शायद आप ने कभी नहीं खाया होगा। ये बहुत tasty होता है और इसे बनाने मे ज़्यादा समय नहीं लगता। अगर आप हलवा पसंद करते हो तो आप ब्रेड का हलवा ज़रूर बना के देखिये।  


मूंग दाल के हलवे की रेसिपी

मूंग दाल के हलवे की रेसिपी 


मूंगदाल का हलवा (Moong Dal ka Halwa) एक लोकप्रिय उत्तर भारतीय मिठाई है. इसे अधिकतर सर्दियों में बनाया जाता है. सर्दियों के शाम खाने के बाद गरमागर्म मूंग दाल के हलवे का मज़ा एक दम अलग होता है. आईये आज मूंग दाल का हलवा (Moong Daal ka Halva) बनायें.

हाई ब्लड प्रेशर उससे बचाव और उस पर काबू

हाई ब्लड प्रेशर उससे बचाव और उस पर  काबू


                                                                                          ब्लड प्रेशर किस वजह से बढ़ता है? मान लीजिए कि आप अपने बगीचे में पानी दे रहे हैं। अगर आप नल को पूरा खोल दें या पाइप के मुहाने को छोटा कर दें तो पानी का दबाव बढ़ जाएगा। ब्लड प्रेशर के मामले में भी कुछ ऐसा ही होता है: रक्त-वाहिकाओं में खून के बहने की रफ्तार के बढ़ने या वाहिकाओं के तंग हो जाने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर कैसे होता है? इसके कई कारण हैं।
ऐसे कारण जिन्हें काबू करना आपके बस में नहीं
खोजकर्ताओं ने पाया है कि अगर किसी व्यक्ति के रिश्तेदारों को हाई ब्लड प्रेशर है तो उसे भी यह बीमारी होने की गुँजाइश ज़्यादा होती है। आँकड़े दिखाते हैं कि फ्रैटर्नल जुड़वों के मुकाबले आइडेंटिकल जुड़वों को हाईपरटेंशन होने का खतरा ज़्यादा होता है। एक अध्ययन में “जीन्स की जाँच” का ज़िक्र किया गया, “जिनकी वजह से आर्टीरियल हाईपरटेंशन होता है।” और इस खोजबीन से यह साबित हो सकता है कि हाई ब्लड प्रेशर का रोग एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को मिलता है। यह भी देखा गया है कि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर का खतरा हद-से-ज़्यादा बढ़ जाता है और इस बीमारी का खतरा काले पुरुषों में ज़्यादा होता है।
कारण जिन्हें आप काबू कर सकते हैं
अपनी खुराक पर ध्यान दीजिए! नमक ज़्यादा खाने से कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ऐसा खासतौर पर कुछ काले लोगों, बूढ़ों, मधुमेह के रोगियों, बहुत ज़्यादा हाईपरटेंशन से पीड़ित लोगों में होता है। खून की नलियों में चर्बी बढ़ जाने से रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी सतह में कोलेस्ट्रॉल जमा (ऐथिरॉस्केलेरोसिस) हो सकता है। इससे धमनियाँ संकरी हो जाती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। जिन लोगों का वज़न सामान्य से 30 प्रतिशत ज़्यादा हो उनको हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा रहता है। खोजों से पता चलता है कि पोटेशियम और कैल्शियम ज़्यादा मात्रा में लेने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है।

आँखों की रौशनी तेज करने के उपाय

आँखों की रौशनी तेज करने के उपाय




ईश्वर की बनायी गयी इस दुनिया को दखने का माध्यम केवल हमारी ऑंखें ही है और इनको उम्र के पड़ाव के साथ देखभाल की भी नितांत आवयकता होती है क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ हमारी आँखों के चारो तरफ क मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती है और हमारी आँखें कमजोर हो जाती है। आंखों की रौशनी हमारे आहार और जीवनशैली पर भी निर्भर करती है।
हम यहाँ पर आपको आँखों की देखभाल और उसकी रौशनी बढ़ाने के कुछ आसान से उपाय बता रहे है ।

* सुबह उठकर मुहँ में पानी भरकर आँखें खोलकर साफ पानी के छीटें आँखों में मारने चाहिए इससे आँखों की रौशनी बढ़ती है ।

* प्रातः खाली पेट आधा चम्मच ताजा मक्खन, आधा चम्मच पसी हुई मिश्री और 5 पिसी काली मिर्च मलाकर चाट लें, इसके बाद कच्चे नारीयल की गिरी के 2-3 टुकड़े खूब चबा-चबाकर खाये और ऊपर से थोड़ी सौंफ चबाकर खा लें फिर दो घंटे तक कुछ भी न खाये। यह क्रिया 2-3 माह तक जरूर करिये ।

* बालों पर रंग, हेयर डाई और केमीकल शैम्पू लगाने से परहेज करें ।

* रात को 1 चम्मच त्रिफला मिट्टी के बर्तन में भिगाकर सुबह छाने हुए पानी से आँखें धोयें। इससे आँखों की रोशनी बढ़ती है और कोई बीमारी भी नहीं होती है।

* प्रातःकाल सूर्योदय से पहले नियमित रूप से हरी घास पर 15-20 मिनट तक नंगे पैर टहलना चाहए। घास पर ओस की नमी रहती है नंगे पैर इस पर टहलने से आँख को तनाव से राहत मिलती है।और रौशनी भी बढ़ती है ।

* पैरों के तलवे की सरसों के तेल से नियमित मालिश करनी चाहिए । नहाने से 10 मिनट पूर्व पैरों के अंगूठों को सरसों के तेल से तर करने से आँखों की रौशनी लम्बे समय तक कायम रहती है ।

* पालक, पत्ता गोभी, हरी सब्जियाँ और पीले फल खाएं। विटामिन ए, सी और ई से भरपूर कई पीले फल हमारी आंखों के लिए फायदेमंद हैं। इसके अतिरिक्त पपीता, संतरा, नींबू आदि के सेवन से दिन की रोशनी में हमारे देखने की क्षमता बढ़ती हैं।
शुगर के लिए घरेलु औषधि बिना कोई साइड इफ़ेक्ट

* आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए प्रतिदिन 1-2 गाजर खूब चबा-चबाकर खाएँ ।गाजर का रस निकालकर भोजन के घंटे भर बाद पिएँ।