Saturday, 31 December 2016

माइग्रेन में सिर दर्द दूर करने के 8 उपाय

माइग्रेन में सिर दर्द दूर करने के 8 उपाय


माइग्रेन के साथ सर में दर्द होना एक आम बात है। सर दर्द बहुत कारणों से हो सकता है, और इस वजह से बहुत से लोग इसका रोज़ ही ट्रीटमेंट करवाते हैं । पर इसके इलाज के बहुत सारे घरेलू नुस्खे भी हैं जो माइग्रेन के दर्द या और किसी भी तरह के सर दर्द से राहत देते हैं। तो अब आइए देखते हैं कुछ इलाज……
1. लैवेंडर का तेल
लैवेंडर की खुशबू तो अच्छी होती ही है साथ ही यह सर दर्द और माइग्रेन के दर्द से आराम देने में लाभदायक साबित हुआ है । इसे आप सांस लेकर या अपने ऊपर मलकर इस्तेमाल कर सकते हैं। सर दर्द से आराम पाने के लिए हर 2-4 बूँद तेल के लिए 2-3 कप उबलते हुए पानी को एक बर्तन में लें और इसकी भाप को सांस से अंदर लें। तेल की भाप से सर दर्द में आराम मिलेगा। बस इस बात का ध्यान रहे कि आप इस तेल को अपने मुंह से अंदर न लें।
2. पेपरमिंट का तेल
यह एक आरामदायक घरेलू नुस्खा है जिससे चिंता से होने वाले सर दर्द में लाभ मिलता है। इस ताज़ी खुशबू वाले तेल में वास्को-कंस्ट्रिक्टिंग और वास्को -डाईलेटिंग गुण होते हैं जो, खून के बहाव को सही रखने में मदद करते हैं। माइग्रेन और सर दर्द, खून का बहाव सही ना होने की वजह से भी होता है इसलिए पेपरमिंट तेल का इस्तेमाल किया जाता है । यह तेल साइनस से भी आराम प्रदान करता है।
3. बेसिल का तेल
बेसिल बहुत ही तेज़ खुशबू वाली जड़ी बूटी है इसे पिज़्ज़ा और पास्ता में भी इस्तेमाल किया जाता है, तो आप समझ गए होंगे कि इसकी खुशबू और स्वाद अच्छा है। जिन लोगों को सर दर्द से छुटकारा चाहिए उनके लिए बेसिल के पौधे से निकला हुआ तेल बहुत ही कमाल का इलाज है। बेसिल का काम होता है मांसपेशियों को आराम देना, तो इसलिए टेंशन और अकड़ी हुई मांसपेशियों के दर्द मिटाने में यह कारगर है।
4. डाइट को बदलना होगा
एक सबसे ज़रूरी काम जो आपके माइग्रेन के दर्द को कम करेगा वह है आपकी डाइट। कुछ खाने वाली चीज़े ऐसी होती है जिन्हें ज़्यादा खाने से आपका सर दर्द बढ़ सकता है, जैसे कि डेरी; चॉकलेट; पीनट बटर; कुच्छ फल जैसे कि अवोकेडो, केला, और साइट्रस; प्याज़; बेकन और हॉट डॉग जैसे मीट; खाना जिसमें एम् एस जी हो; रेड वाइन में मिलने वाला एमिनो एसिड आदि। इन सभी खानों का ध्यान रखे और ध्यान दें कि किसके ज़्यादा खाने से आपका माइग्रेन का दर्द बढ़ जाता है।
5. खुद अपने सर की मसाज
अपने सर की खुद मसाज करना एक असरदार तरीका है जो आपका माइग्रेन का दर्द काफी हद तक कम कर सकता है और इन्हें करने में मज़ा भी आता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हमारी खोपड़ी के पीछे के निचले हिस्से की मसाज करने से माइग्रेन का दर्द कम होता है।
6. फीवरफियू
फीवरफियू , इसे इस्तेमाल किया जाता है आपके फीवर (बुखार ) को भगाने के लिए। इसे हर्बल हैडेक ट्रीटमेंट भी कहते हैं। यह इलाज 1980 के दशक में बहुत ही प्रचलित हुआ था। तो इसके बारे में पढ़ने पर पता चला की 70 प्रतिशत लोगों को माइग्रेन की समस्या कम हो गयी जिन्होंने फीवरफियू का रोज़ इस्तेमाल किया ।
7. फ्लैक्स सीड्स (अलसी के बीज)
कुछ सर दर्द सूजन के कारण होते हैं , जिन्हें हम कम कर सकते है ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन करके। फ्लैक्स सीड सर दर्द से इसलिये आराम देते हैं क्योंकि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं। अलसी के बीजों को हम काफी तरीको से इस्तेमाल कर सकते हैं।
8.बकव्हीट
बकव्हीट एक तरह का अनाज होता है। इसके अंदर फ्लेवोनॉयड नामक पदार्थ होता है जिसे रूटिन भी कहा जाता है। यह पदार्थ हमारे सर दर्द और माइग्रेन के दर्द को मात देने में कारगर होता है। यह खासकर पौधों में ही मिलता है और हमारे सेल्स को ठीक करने की क्षमता भी रखता है। ताइवान के एक्सपर्ट्स ने इसे फ्लैवोनॉइड्स को सूजन पर इस्तेमाल करके देखा है जो सर दर्द का मुख्य कारण होता है।
माइग्रेन के साथ सर में दर्द होना एक आम बात है। सर दर्द बहुत कारणों से हो सकता है, और इस वजह से बहुत से लोग इसका रोज़ ही ट्रीटमेंट करवाते हैं । पर इसके इलाज के बहुत सारे घरेलू नुस्खे भी हैं जो माइग्रेन के दर्द या और किसी भी तरह के सर दर्द से राहत देते हैं। तो अब आइए देखते हैं कुछ इलाज……
1. लैवेंडर का तेल
लैवेंडर की खुशबू तो अच्छी होती ही है साथ ही यह सर दर्द और माइग्रेन के दर्द से आराम देने में लाभदायक साबित हुआ है । इसे आप सांस लेकर या अपने ऊपर मलकर इस्तेमाल कर सकते हैं। सर दर्द से आराम पाने के लिए हर 2-4 बूँद तेल के लिए 2-3 कप उबलते हुए पानी को एक बर्तन में लें और इसकी भाप को सांस से अंदर लें। तेल की भाप से सर दर्द में आराम मिलेगा। बस इस बात का ध्यान रहे कि आप इस तेल को अपने मुंह से अंदर न लें।
2. पेपरमिंट का तेल
यह एक आरामदायक घरेलू नुस्खा है जिससे चिंता से होने वाले सर दर्द में लाभ मिलता है। इस ताज़ी खुशबू वाले तेल में वास्को-कंस्ट्रिक्टिंग और वास्को -डाईलेटिंग गुण होते हैं जो, खून के बहाव को सही रखने में मदद करते हैं। माइग्रेन और सर दर्द, खून का बहाव सही ना होने की वजह से भी होता है इसलिए पेपरमिंट तेल का इस्तेमाल किया जाता है । यह तेल साइनस से भी आराम प्रदान करता है।
3. बेसिल का तेल
बेसिल बहुत ही तेज़ खुशबू वाली जड़ी बूटी है इसे पिज़्ज़ा और पास्ता में भी इस्तेमाल किया जाता है, तो आप समझ गए होंगे कि इसकी खुशबू और स्वाद अच्छा है। जिन लोगों को सर दर्द से छुटकारा चाहिए उनके लिए बेसिल के पौधे से निकला हुआ तेल बहुत ही कमाल का इलाज है। बेसिल का काम होता है मांसपेशियों को आराम देना, तो इसलिए टेंशन और अकड़ी हुई मांसपेशियों के दर्द मिटाने में यह कारगर है।
4. डाइट को बदलना होगा
एक सबसे ज़रूरी काम जो आपके माइग्रेन के दर्द को कम करेगा वह है आपकी डाइट। कुछ खाने वाली चीज़े ऐसी होती है जिन्हें ज़्यादा खाने से आपका सर दर्द बढ़ सकता है, जैसे कि डेरी; चॉकलेट; पीनट बटर; कुच्छ फल जैसे कि अवोकेडो, केला, और साइट्रस; प्याज़; बेकन और हॉट डॉग जैसे मीट; खाना जिसमें एम् एस जी हो; रेड वाइन में मिलने वाला एमिनो एसिड आदि। इन सभी खानों का ध्यान रखे और ध्यान दें कि किसके ज़्यादा खाने से आपका माइग्रेन का दर्द बढ़ जाता है।
5. खुद अपने सर की मसाज
अपने सर की खुद मसाज करना एक असरदार तरीका है जो आपका माइग्रेन का दर्द काफी हद तक कम कर सकता है और इन्हें करने में मज़ा भी आता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हमारी खोपड़ी के पीछे के निचले हिस्से की मसाज करने से माइग्रेन का दर्द कम होता है।
6. फीवरफियू
फीवरफियू , इसे इस्तेमाल किया जाता है आपके फीवर (बुखार ) को भगाने के लिए। इसे हर्बल हैडेक ट्रीटमेंट भी कहते हैं। यह इलाज 1980 के दशक में बहुत ही प्रचलित हुआ था। तो इसके बारे में पढ़ने पर पता चला की 70 प्रतिशत लोगों को माइग्रेन की समस्या कम हो गयी जिन्होंने फीवरफियू का रोज़ इस्तेमाल किया ।
7. फ्लैक्स सीड्स (अलसी के बीज)
कुछ सर दर्द सूजन के कारण होते हैं , जिन्हें हम कम कर सकते है ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन करके। फ्लैक्स सीड सर दर्द से इसलिये आराम देते हैं क्योंकि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं। अलसी के बीजों को हम काफी तरीको से इस्तेमाल कर सकते हैं।
8.बकव्हीट
बकव्हीट एक तरह का अनाज होता है। इसके अंदर फ्लेवोनॉयड नामक पदार्थ होता है जिसे रूटिन भी कहा जाता है। यह पदार्थ हमारे सर दर्द और माइग्रेन के दर्द को मात देने में कारगर होता है। यह खासकर पौधों में ही मिलता है और हमारे सेल्स को ठीक करने की क्षमता भी रखता है। ताइवान के एक्सपर्ट्स ने इसे फ्लैवोनॉइड्स को सूजन पर इस्तेमाल करके देखा है जो सर दर्द का मुख्य कारण होता है।

कद बढाने के घरेलू नुस्खे, पढ़ें यह 9 टिप्स

कद बढाने के घरेलू नुस्खे, पढ़ें यह 9 टिप्स


एक अच्छे पर्सनैलिटी की पहचान हाइट से भी होती है। जिनकी हाइट छोटी रह जाती हैं, जरा उनसे पुछिए कितना दुख होता होगा जब कोई उनको नाटा-गाटा बोलकर चिढ़ाता होगा। कुछ जॉब ऐसे भी हैं जिनमें अच्छे हाइट का होना बहुत मायने रखता है, जैसे कि पुलिस, मॉडलिंग, एयर होस्टेस, और आर्मी। यह कहना गलत नहीं होगा कि जिन लोगों के हाइट बहुत कम होते हैं उनका कॉन्फिडेंस (आत्मविश्वास) भी कम हो जाता है। वह खुद तो तुच्छ समझने लगते हैं। कहते हैं कि किसी की भी उम्र एक निश्चित समय तक ही बढ़ती है। यही नहीं, माता-पिता की हाइट के अनुसार भी बच्चों की लंबाई होती है।

व्यायाम करें

जी हां, रोजाना एक घंटा वॉक करने से भी आपकी हाइट जरूर बढ़ेगी। नियनित रूप से सुबह-सुबह वॉक पर जाया करें। इसलिए अलावा नियमित रूप व्यायाम भी करें जिसमें पूल अप्स व्यायाम को शामिल करें।

रस्सी जरूर कूदें
सुनकर भले बचकानी आदत लगें, लेकिन यह सच है कि रस्सी कूदने से आपकी हाइट जल्दी बढ़ती है और साथ ही वजन को भी सही रखने में मदद करेगी।
डायट (Diet)सही करें
अगर अच्छी हाइट की कामना करते हैं तो सबसे पहले अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें। बता दें कि आपके शरीर की सही ग्रोथ और लंबाई के लिए सभी पौष्टिक भोजन का सही मात्रा में होना बहुत जरूरी हैं। लंबाई सच में अच्छी चाहिए तो भरपूर प्रोटीन लें, खनिज लवण भी हैं जरूरी, साथ ही कैल्शियम, जिंक, फोस्फोरस, मैग्नीशियम जैसे खनिज लवणों का नियमित सेवन भी करें जमकर। ताज़ी हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, फल, दही, छाछ को भी डायट में इस्तेमाल करने से बिल्कुल पीछे नहीं रहें।
दौड़ना ना भूलें
आपके पूरे बॉडी के लिए बेस्ट एक्सरसाइज़ है दौड़। इससे वजन तो नियंत्रित रहता ही है और साथ ही आपके पैर, कमर तथा रीड की हड्डियाँ व मांस पेशियाँ ताकतवर बनती हैं। हड्डियों का भी विकास होता हैं, जिससे शरीर की लंबाई बढ़ने में सहायता मिलती है।
तैराकी करें
यह एक ऐसी एक्टिवीटी है जो सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि बेहतरीन व्यायाम का एक रूप है। इससे आपके पूरे शरीर का रक्त संचार बढ़ता है और सम्पूर्ण शरीर की मांशपेशियों में खिचाव भी होता है। लंबाई बढाने में स्विमिंग से काफी सहायता मिलती है।
योग भी मददगार
योग करने से ना सिर्फ आपके मन को शांति मिलेगी बल्कि हाइट भी अच्छी बढ़ेगी। अगर आपके बच्चे की हाइट उसके उम्र के हिसाब से सही नहीं है, तो घबराए नहीं बल्कि उससे योग करवाए। ताड़ासन, भुजंगासन, पश्चिमोंत्तानासन, सूर्य नमस्कार जैसे कुछ योगा हैं जो आपको लंबा बनाने में मदद कर सकते हैं।
नींद पूरी लें
यह बहुत कम लोग जानते हैं कि नींद के दौरान ही आपके शरीर के टिशूश नये-नये बनते हैं और कुछ रिपेयर भी होते हैं। साथ ही जब हम गहरी नींद में होते हैं तभी ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन (human growth hormone) के निर्माण की प्रक्रिया तेज़ी से अपना रूप लेती है। बता दें कि यह हार्मोन हाइट बढ़ाने के लिए भी बहुत जरूरी होता है। गौरतलब है कि गहरी नींद से आपके तनाव का स्तर कम होता है, जिससे शरीर के विकास में सहायता मिलती है।
इम्युनिटी पावर बढायें
इस बात का विशेष ध्यान दें कि इम्युनिटी पावर कम हो जाने से बच्चे और बड़े बार-बार बीमार पड़ते हैं जिसकी वजह से शरीर की ग्रोथ रुक जाती है और हम अपनी निर्धारित हाइट को प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
नशा करने से बचें
यह तो आप जानते ही होंगे कि शराब, धूम्रपान, तम्बाकू आदि हमारे सेहत के लिए किसी जहर से कम नहीं हैं। इनका सेवन करने से ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन (human growth hormone) के निर्माण में रूकावट आ आती है जिससे आपकी लंबाई बढ़ने की गति धीमी पड़ जाती है।

मांसपेशियों के दर्द को दूर करने के घरेलू उपाय

मांसपेशियों के दर्द को दूर करने के घरेलू उपाय


कई बार जोश में हम ज्यादा व्यायाम या फिर दौड़ या खेल कूद करने लगते हैं। ये लोगों के लिए ठीक जो नियमित रूप से व्यायाम करते हैं लेकिन उन लोगों के लिए एक समस्या जो कभी-कभी किसी के कहने पर उत्तेजना में ज्यादा कुछ कर जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि उनको मांसपेशियों में खिचाव या दर्द होने लगता है। इसे हम मांसपेशियों में तनाव भी कहते हैं। मांसपेशियों में खिचाव एक आम समस्या है। देखा गया है कि किसी को मांसपेशियों में दर्द की शिकायत रहती है। लोग इस दर्द से छुटकारा पाने के एलोपेथिक दवाइयों का सहारा लेते हैं। इससे उन्हें कुछ समय के लिए तो छुटकारा मिल जाता है पर पूर्ण रूप से छुटकारा पाने में वे असमर्थ ही रहते हैं। मांसपेशियां में खिचाव या दर्द ज्यादातर पिंडली, पीठ, जांघ, हाथ या स्मूथ मसल्स में होती है।
कुछ ज्ञान की बातें
आपको बता दें कि मानव शरीर में 639 मांसपेशियां पायी जाती हैं और इनमें से 400 पेशियाँ रेखित होती हैं। शरीर में सर्वाधिक पेशियाँ 180 पीठ में पाई जाती हैं। मनुष्य के शरीर का 40 से 50 फीसदी भाग पेशी ऊतक के द्वारा निर्मित होता है।
मांसपेशियों में दर्द के कारण
ज्यादा व्यायाम करने के अभ्यस्त नहीं हैं फिर भी व्यायाम कर रहे हैं, हैवी वेट लिफ्टिंग, लम्बी दूरी या बहुत तेजी से की जाने वाली रनिंग, माउंटेन क्लाइंबिंग, शारीरिक रूप ज्यादा काम करना, उछल-कूद करना, गलत तरीके से सोना आदि के कारण होता है। वैसे यह उन लोगों को सबसे ज्यादा होता है जो शारीरिक रूप से किसी काम को ज्यादा करने के लिए अभ्यस्त नहीं है फिर भी करे जा रहे हैं।
मांसपेशियों में दर्द के लक्षण
मांसपेशियों में दर्द के लक्षण में अत्यधिक थकान, नींद संबंधी व्याधियां, बिगड़ा हुआ मूड, भूख का कम होना, गति की कम रेंज और हृदय गति का बढऩा शामिल हैं।
मांसपेशियों में दर्द को दूर करने के उपाय
शरीर को आराम दें
ऐसी स्थिति में शरीर को आराम देने की जरूरत है। जब तक शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलेगा दर्द और बढ़ता जाएगा। ध्यान दें कि इस दौरान आप कोई भी भारी चीज न उठाएं।
मसाज
देखा गया है कि जब किसी को मांसपेशियों में खिचाव आता है तो पूरे शरीर को मसाज की जरूरत महसूस होती है। उस दौरान आपके मन को यही लगता है कि आपके शरीर का कोई मसाज कर दे। ऐसी स्थिति में मसाज करवाना बहुत ही फायदेमंद रहता है क्योंकि इससे शरीर में रक्त संचार बढ़ता है और तेजी से आराम मिलता है।
दर्द वाली जगह पर सेकें
मांसपेशियों में दर्द है तो ज्यादातर दर्द वाली जगह पर सेक देते हैं। यह काभी लाभकारी होता और दर्द से राहत भी देता है। आप अपनी सुविधा और दर्द के हिसाब से गर्म या ठंडा सेंक दे सकते हैं।
आईस पैक है लाभकारी
मांसपेशियों में होने वाले दर्द को आराम देने के लिए आप आईस पैक का भी सहारा ले सकते हैं। आईस पैक को सिर्फ 20 मिनट तक चोटिल या दर्द वाली जगह रखने पर काफी लाभ मिलता है।
तेल मालिश
मांसपेशियों में तनाव हो तो तेल की मालिश करनी चाहिए। विभिन्न प्रकार के तेल जैसे पाइन, लैवेंडर, अदरक और पिपरमेंट का तेल मांसपेशियों के दर्द को कम करने में सहायक होते हैं
कुछ और भी उपाय
मांसपेशियों के दर्द में आप दर्द वाली मांसपेशी को हल्केे-हल्केि स्ट्रे च कराएं, आप चाहे तो हॉट शॉवर भी ले सकते हैं। इससे शरीर के मांसपेशियों के दर्द में राहत मिलती है। यह सबसे अच्छाश, सस्ताा और आसान तरीका होता है।

डिब्बाबंद जूस पीने के नुकसान

डिब्बाबंद जूस पीने के नुकसान


किसी ने सही कहा है कि आज के वक्त में अगर कोई चीज सबसे ज्यादा कीमती है तो ‘समय’ है। अगर देखा जाए तो आधुनिकता के इस दौर में बाजार में लोगों के समय के आधार पर चीजें बनाई या परोसी जा रही है। इसका एक उदाहरण आज के समय में बनाए जा रहे गाने को लिया जा सकता है। आज के गाने पहले के मुकाबले बहुत ही फास्ट होते हैं जो थोड़े समय में आपका मनोरंजन करने की कोशिश करते हैं। इसी तरह समय को आधार मानकर आज कई सारी कंपनियां आ गई हैं जो लोगों कम वक्त में सही खाना देने का दावा करती हैं। ये खाना ज्यादातर पैक्ड होते हैं। इसमें कोल्ड ड्रिंक, कुकीज और अन्य डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ शामिल है।
इसी तरह डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ में जूस भी आता है। ऐसा देखा गया है कि लोगों के पास समय की कमी होने के कारण वह घर पर फ्रेश जूस नहीं बना पाते, इसलिए बाजार से पैक्ड जूस लेना तरजीह देते है। लेकिन क्या बाजार में मिलने वाला जूस आपके स्वास्थ्य के लिए सही होता है। यह एक जानने का विषय है। ऐसा माना गया है कि बाजार से मिलने वाले पैक्ड जूस में पूरे 100 फीसदी फलों का जूस नहीं होता, अर्थात इसे हम किसी भी तरह प्राकृतिक फलों का जूस का दर्जा नहीं दे सकते हैं। इस तरह के जूसों में मिलावटी की जाती है जो कई बार लोगों के स्वास्थ्य के लिए सही साबित नहीं हो सकती है। आइए जानते हैं डिब्बाबंद जूस के नुकसान
पेट की समस्या
खूद को ताकत देने के लिए कई बार जिस पैक्ड जूस का आप सेवन करते हैं, तो उससे आपका पेट खराब हो सकता है। नाशपाती, स्वीट चेरी और सेब जैसे कुछ फलों में सॉर्बिटॉल जैसी शुगर मौजूद होती है, जो आसानी से पचती नहीं। ऐसे में आपको गैस, दस्त, पेट में उथल-पुथल और डायरिया की समस्या भी देखने में आती है।
प्राकृतिक और विटामिन तत्व खत्म हो जाते हैं
ऐसा देखा गया है कि डिब्बाबंद जूस बानने के लिए जूस को पहले उबाला जाता है ताकि उनमें पाए जाने वाले बैक्टीरिया खत्म हो सके। लेकिन इससे प्राकृतिक और विटामिन तत्व खत्म हो जाते हैं। इसके अलावा इससे शरीर को फाइबर भी नहीं मिलता।
मोटापा बढ़ने का खतरा
मोटापा घटाने के लिए आप दिनरात व्यायाम करते हैं, लेकिन उसी क्षण यदि आप अपनी कमजोरी को दूर करने के लिए डिब्बाबंद जूस का सहारा लेते हैं, तो इससे मोटापा बढ़ने का खतरा हो सकता है। जानकार भी मानते हैं कि प्राकृतिक फल और सब्जियों की तुलना में पैक्ड जूस को लेने से ज्यादा वजन बढ़ता है।
डायबिटिज के मरीज न करें इसका सेवन
क्या आप डायबिटिज के मरीज हैं फिर तो आपको डॉक्टर की तरफ से परहेज करने की सलाह मिलती होगी। क्या आपके डॉक्टर ने पैक्ड जूस न पीने की सलाह दी है। दरअसल डायबिटीज के रोगियों को पैक्ड जूस बिल्कु ल भी नहीं पीना चाहिए। दरअसल ये जूस रिफाइंड शुगर से बने होते हैं, जो डायबिटिक लोगों के लिए ठीक नहीं है। अगर इसमें सुगर फ्री लिखा होता है तब भी इसके सेवन से बचना चाहिए।
आर्टिफीशियल कलर का प्रयोग
बाजार से खरीदकर जिस फल का आप जूस बनाने हैं, तो वह बिल्कुल फ्रेश होता है लेकिन डिब्बाबंद जूस में आर्टिफीशियल कलर का प्रयोग किया जाता है, जिससे वह देखने में फल के रंग के जूस का लगे। कई बार ये कलर आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।
नोट: देखिए कभी-कभार पैक्ड जूस पीना नुकसानदेह नहीं है लेकिन आप नियमित रूप से पैक्ड जूस पीते हैं और आप बड़ी संख्या में इसे पीते हैं तो यह आपके लिए नुकासनदेह हो सकता है।

मेथी खाने के नुकसान – जाने कब ना खाएं मेथी

मेथी खाने के नुकसान – जाने कब ना खाएं मेथी


मसाले के रूप में जाना जाने वाला मेथी आयुवेर्दिक दृष्टि से सेहत के लिए बेहद स्वास्थवर्धक है। इसका प्रयोग कई तरह के व्यंजन को बनाने में किया जाता है। इसके अलावा यह एक ऐसा मसाला है जिसकी खुशबू से ही आपकी भूख बढ़ जाती है। कई बीमारियों में रामबाण के रूप में काम करने वाला मेथी न केवल आपके चेहरे की सुंदरता को बरकरार रखता है बल्कि आपकी पाचन संबंधी समस्या को भी दूर कर देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसका सेवन कई बार आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। आइए जानते है इसके नुकासन के बारे में…
मेथी खाने के नुकसान
डायबिटीज के मरीजों को करता है प्रभावित
मेथी के सेवन से ब्लड सुगर का स्तर प्रभावित होता है। इसलिए जो व्यक्ति डायबिटीज के मरीज हैं, उन्हें मेथी खाते समय बहुत ही सावधानी बरतनी पड़ेगी।
दस्त की समस्या
अगर आप मेथी का ज्यादा सेवन करते हैं तो आपको दस्त की समस्या हो सकती है और जिन माताओं ने अभी-अभी अपने बच्चे को जन्म दिया है, उन्हें तो मेथी खाते समय और भी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि स्तनपान कराने वाली मताएं अगर दस्त की शिकार हैं तो यह रोग उनके बच्चे को भी हो सकता है। जिसकी वजह से डिहाइड्रेशन की भी समस्या हो सकती है।
खट्टी डकार और गैस की समस्या
अगर आप अच्छा और सही तरीके से भोजन नहीं लेते, तो आपको गैस और खट्टी डकार की समस्या होने लगती है। डकार में पेट की गैस को मुंह से निकाला जाता है, जिसमें कभी कभी अजीब सी आवाज़ और गंध होती है। यह ज्यादातार तीखी भोजन खाने वालों को होती है। लेकिन अगर आप मेथी का ज्यादा सेवन करते हैं, तो आपको खट्टी डकार, गैस और सूजन जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए मेथी जब खाएं उसकी मात्रा के बारे में अच्छी तरह से जान लें।
मूत्र की गंध
गंध चाहे पसीने की हो या मूत्र की हर कोई इससे दूर भागता है। अगर आपके साथ भी यह समस्या है तो इसे जल्द से जल्द दूर कर लें। मेथी के खाने से मूत्र में गंध की समस्या आने लगती है। इसलिए इसे खाते समय सावधानी बरतें। वैसे यह बदबू मूत्र में मौजूद बैक्टीलरिया और सूक्ष्म जीवों की वजह से भी आ सकती है।
एलर्जी की समस्या
ऐसे कई सारे मामले देखे गए हैं कि जो लोग ज्यादा मेथी का सेवन करते हैं उन्हें स्किन में होने वाली एलर्जी की दिक्कते आने लगती है। इस तरह के एलर्जी से न केवल आपका चेहरा सूज जाता है बल्कि आपके चेस्ट में दर्द भी होने लगता है।
अन्य नुकसान
डॉक्टरों के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को मेथी का कम से कम सेवन करना चाहिए या हो सके तो इसका सेवन न करें। इसके अलावा ज्यादा मेथी दानों के सेवन से आप इंटरनल ब्लीडिंग की समस्या से जूझ सकते हैं। यहा तक की मेथी दाना आपके बच्चे की सोचने समझने की शक्ति को कम कर देता है इसलिए उसे डॉक्टर की सलाह के बाद मेथी दाना दें।

मनुका शहद के सेहत के लिए उपयोगी फायदे

मनुका शहद के सेहत के लिए उपयोगी फायदे

प्राचीन काल से ही हम शहद का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों को ठीक करने के लिए करते आ रहे हैं। शहद को हम कई रूपों में देखते हैं। लेकिन मुनका शहद सबसे शक्तिशाली होता है। मुनका शहद कच्चा होता है। जिसे मधुमक्खियां मुनके के पेड़ से इकट्ठा करती हैं। मुनका पेड़ की पत्तियों का उपयोग हम अक्सर औषधि के रूप में भी करते हैं। इससे बुखार और घाव से जल्दी ठीक हो जाता है। इस शहद में एंटी बैक्टीरिया और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसमें विटामिन बी, कैल्शियम, कॉपर जैसे तत्व पायें जाते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं।
मनुका शहद के फायदे
मनुका शहद का सेवन करने से हम कई तरह की बीमारियों से बच सकते है या फिर उनका आसानी से सामना कर सकते हैं। इससे हमें और भी कई तरह के लाभ मिलते है जैसे कि..
घांव का तेजी से भरता 
चिपचिपा होने के कारण यह खुले घांव में इन्फेक्शन होने से रोकता है। इससे बैक्टीरिया हमारी कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाते, जिससे हमारे शरीर में संक्रमण की शुरुआत होती है। मुनका शहद घाव के संक्रमण को कम करता है, साथ ही पुराने संक्रमण को भी ठीक करने में भी सहायक होता है।
दांतों और मसूड़ों के लिए लाभकारी
मुनका शहद में एंटी बैक्टीरियल गुण पायें जाते हैं। जिसके कारण हम इसका इस्तेमाल अपने दांतों और मसूड़ों पर करते हैं। जो लोग अपने दांतों से परेशान हैं उन्हें शहद को चुइंगगम के रूप में लेना चाहिए। ऐसा करने से आप को दांतों की समस्या से आसानी से छुटकारा मिल जाएगा।
पाचन को ठीक रखने में सहायक
पेट में भले ही कोई रोग हो जैसे सूजन, अपच, पेट में अल्सर आदि इन सबके लिए मुनका शहद बहुत ही फायदेमंद होता है। पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए एक कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से पेट को बहुत ही फायदा मिलता है।
इम्युनिटी को मजबूत करने में सहायक
गर्म दूध या नींबू पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से सर्दी और खांसी से छुटकारा पाया जा सकता है। मनुका शहद इम्यून सिस्टम की टी और बी सेल पैदा करता है और इम्यून प्रतिक्रिया को विनियमित कर आपकी इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है।
अनिद्रा की समस्या को दूर करे
जब हम पूरी नींद नहीं ले पाते, तो ऐसे में हमें दिल, डायबिटीज, स्ट्रोक, अर्थराइटिस जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जब भी हमें अनिंद्रा की समस्या पैदा हो जाती है, तब हमें मुनका शहद का सेवन करना चाहिए। यह अनिंद्रा को दूर करके गहरी नींद को बढ़ावा देती है। सोते समय जब हम दूध के साथ शहद लेते हैं, तो शरीर दिमाग में मेलाटोनिन को रलीज करने में मदद करता है जो हमारी गहरी नीद के लिए बहुत ही जरूरी है।
कैंसर से लड़ने की क्षमता
मुनका शहद में फिनोल पाया जाता है जो हमें कैंसर से बचाता है। मुनका शहद का इंट्रविन्स इंजेक्शन लगाने से हम स्किन ट्यूमर, बेस्ट ट्यूमर जैसे ट्यूमर के विकास को कई फीसदी तक कम कर सकते हैं।

जानिए क्या होते हैं रोने के फायदे

जानिए क्या होते हैं रोने के फायदे 

बहुत से ऐसे लोग हैं, जो आंसूओं को कमजोरी के रूप में देखते है, क्योंकि अधिकतर लोग तब रोते हैं जब वो अंदर से टूट जाते हैं। हंसने के साथ-साथ रोने से भी हमें कई फायदे मिलते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा तो तनाव से मुक्ति पाना है। रोने से कई बार हमारा बिगड़ा हुआ मूड भी सही हो जाता है। रोने से हमारी दबी हुई भावनाएं आसानी से बाहर निकल जाती है। रोने से हमें कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं इसलिए जब भी आपको रोना आ रहा हो तो उसे रोकना नहीं चाहिए बल्कि रो लेना चाहिए।

हमारी आँखों से तीन प्रकार के आंसू निकलते हैं…
  • भावनात्मक रूप से
  • बैक्टीरिया के अटैक से
  • किसी बाहरी चीज का आँख में जाने से।
रोने के फायदे ( Weeping Health Benefits in Hindi )
दृष्टि तेज होना
रोने से हमारी दृष्टि में कई बार बहुत ही सुधार आता है। क्योंकि कई बार हमारी आँखों की निर्जलीकृत झिल्ली के कारण आँखों में धुंधलापन सा महसूस होने लगता है और जब हम रोते हैं तो हमारे आंसू आँख की झिल्ली की जलीकृत कर देते हैं और हमे साफ दिखाई देने लग पड़ता है।
रोने से आँखों का साफ होना
शरीर के अन्य हिस्सों की तरह हमारी आँखों में भी बैक्टीरिया चले जाते हैं, परन्तु जब हम रोते हैं तब यह बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, क्योंकि हमारी आँखों में जीवाणुरोधी गुण होते हैं। आंसुओं में लाइसोजोम नामक एक ऐसा द्रव्य पाया जाता है जो पांच मिनट में हमारी आँखों के बैक्टीरिया को खत्म कर देता है।
तनाव से राहत
जब भी हम किसी परेशानी में होते है या फिर किसी तनाव में होते हैं तब हमारे शरीर में रसायनों का अंसतुलन और कुछ रसायनों का निर्माण होता है। रोना इसे कम करने में हमारी मदद करता है और तनाव से हमें मुक्ति दिलाता है। इसके साथ हमारे मन में कोई ऐसी बात हो जिसे हम किसी से जाहिर नहीं कर सकते और वो हमें अंदर-अंदर परेशान कर रही हो, तब ऐसे में अगर रोना आ रहा हो तो हमें रो लेना चाहिए, क्योंकि रोने से हमारा मन हल्का हो जाता है।
विषाक्त पदार्थ से मुक्ति
हमारे आंसुओं में 98 प्रतिशत पानी होता है, लेकिन भावनात्मक आंसुओं में तनाव के हारमोन पाए जाते हैं जो शरीर के द्वारा तनाव से राहत देने के लिए मुक्त किये जाते हैं। हमारे आंसुओं में विषाक्त पदार्थ होते हैं जो भावनात्मक दबाब के कारण हमारे शरीर में बनते हैं।
जलन से सुरक्षा
जब भी हम प्याज काटते हैं तो अक्सर हमारी आँखों से पानी निकलने लगता है, क्योंकि प्याज में कुछ ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं, जो आँखे में जलन पैदा करते हैं, ऐसे ही हमारी आँखों में जब धुल के कण चले जाते हैं तो हमारी आँखों से पानी निकलने लगता है। ऐसा रोना हमारी आँखों को सुरक्षा प्रदान करता है। ऐसे रोने से वो कण हमारी आँखों से आंसुओं के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है रोना
आंसुओं में एल्ब्यूमिन प्रोटीन पाया जाता है, जो हमारे शरीर की चयापचय प्रणाली को नियंत्रण में करने के लिए हमारी मदद करता है। रोना उच्च रक्तचाप, मोटापा, मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करता है, जो अक्सर तनाव के कारण पैदा होती है।

सर्दी जुकाम को रखें दूर – खाएं यह आहार

सर्दी जुकाम को रखें दूर – खाएं यह आहार


सर्दियों के दिनों में अक्सर तापमान 0 डिग्री या फिर इससे भी कम हो जाता है, जिसके कारण हमें घर से बाहर निकलने में बहुत ही मुश्किल होती है। ऐसे में जब हम कुछ उपाय करते हैं, तो काफी हद तक हम ठंड, सर्दी जुकाम से आसानी से बच सकते हैं। ठंड या सर्दी जुकाम से बचने के लिए हम अक्सर गर्म कपड़े पहनते हैं और आग जलाते हैं। जिससे हम ठंड को दूर कर सकें, लेकिन हमें बाहर की ठंड के साथ अंदर की ठंड को भी दूर करना होता है। उसके लिए हमें अपने खाने में ऐसी चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे हमारे शरीर में गर्मी पैदा हो सकें।
जब हम अपने शरीर को मौसम के अनुसार ढाल लेते हैं, तो हमें न तो अधिक गर्मी लगती है न ही अधिक सर्दी। इसके साथ हम कई तरह की बीमारियों और उनसे होने वाले इन्फेक्शन से भी बचे रहते हैं। सर्दियों में ठंड से कैसे बचा जा सकता है आज हम आपको इस बारे में बताते हैं…
1# शहद
शहद को आयुर्वेद में अमृत के समान माना जाता है। शहद का सेवन करने से हम कई तरह के रोगों से बच जाते हैं। शहद का सेवन करने से हमारी पाचन शक्ति तेज होती है और जब भी हमें सर्दियों के दिनों में ठंड लग जाती हैं तो एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद डालकर पीने से हमें राहत मिलती है।
2# बाजरे की रोटी
सर्दियों के दिनों में बाजरे की खाने से शरीर में गर्मी आती है। बाजरे में प्रोटीन, विटामिन बी, कैल्शियम, फाइबर पाया जाता है जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही अच्छा होता है। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सर्दियों के दिनों बाजरे की रोटी जरूर खिलानी चाहिए।
3# ओगेमा-3
सर्दियों के दिनों में ठंड से बचने के लिए ओगेमा-3 का सेवन करना चाहिए। यह मछलियों में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा मछलियों में जिंक भी पाया जाता है, जो हमारे शरीर में होने वाले कई रोगों से बचाता है।
4# अदरक का सेवन
अदरक के प्रयोग से हमारे शरीर को गर्मी मिलती है और यह ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाता है। इसके साथ आप लौंग, काली मिर्च और अदरक से बनी हुई चाय का सेवन करके भी ठंड को दूर कर सकते हो।
5# सूप का सेवन
सूप का सेवन करने से हमारे शरीर में गर्मी पैदा होती है और यह जुकाम में भी फायदेमंद होता है। आप वेज और नान वेज सूप का इस्तेमाल कर सकते हो। बस आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सूप ताजा हो।
6# खजूर का सेवन
सर्दियों के दिनों में ठंड से बचने के लिए हमें खजूर का सेवन करना चाहिए। जब आप खजूर को गर्म दूध के साथ खाते हो तो आपको सर्दी से राहत मिलती है।
7# मूंगफली का सेवन
सर्दियों के दिनों में मूंगफली का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है। क्योंकि मूंगफली में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं जैसे कि मिनरल्स, एंटी ऑक्सीडेंट, विटामिन आदि।
8# तिल का तेल
तिल के तेल से शरीर में मालिश करने से हम ठंड या सर्दी जुकाम से बच सकते हैं।

Dekhie भाप लेने के फायदे

Dekhie  भाप  लेने  के  फायदे  

लोग अकसर सर्दी या फिर जुकाम होने पर ही स्टीम लेने की जरूरत समझते हैं, क्योंकि यह अंदर से आपकी सर्दी को ठीक करने का काम करता है। जिस तरह स्टीम आपके शरीर से सर्दी या कफ को बाहर निकाल फेंकता है ठीक उसी तरह चेहरे की स्टीम करने से आपका चेहरा साफ हो जाएगा। यह अंदर छुपी मैल को बड़ी आसानी से बाहर निकालने में कारगार साबित होता है।
यूं तो बाज़ार में आपको कई महंगी-महंगी ब्यूटी प्रोडक्ट्स मिल जाएंगे जो यह सीना ठोककर आपको यकीन दिलाते हैं कि इन प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से आपकी स्कीन पहले से ज्यादा हेल्दी और खूबसूरत हो जाएगी। बता दें कि इन दामी और चमकदार पैकेट में बिक्री होने वाले सारे प्रोडक्ट्स में केमिकल मौजूद होते हैं जो सिर्फ आपके चेहरे को खराब करने का काम करते हैं।
आपके लिए बेस्ट ऑपश्न होगा कि आप बाहरी चीज़ों का इस्तेमाल करना छोड़ घरेलू उपचार को ही फॉलो करें। घरेलू उपायों का आपके चेहरे पर कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा और इससे आपकी कुदरती खूबसूरती भी बर्बाद नहीं होगी।
घरेलू उपाय में हर टाइप के स्कीन के लिए स्टीम लेना सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा। सर्दी या जुकाम होने पर तो स्टीम को ले ही लेकिन वैसे भी अपनी स्कीन को सही रखने के लिए स्टीम लेना नहीं छोड़े।
बता दें कि स्टीम लेना आपके ब्यूटी ट्रीटमेंट में से ही एक माना जाता है और है घरेलू ब्यूटी टिप्स का बेहरतीन तरीका । जहां एक ओर आपको फेस स्टीमिंग से न सिर्फ आपका चेहरा पहले से ज्यादा ग्लो करने लगता है बल्किह उसे ताजगी भी मिलती है। स्टीम लेने का भी एक सही तरीका होता है …
क्या है भाप लेने का सही तरीका ?
सबसे पहले आप स्टीम करने के लिए स्टीमर का इंतज़ाम करें या फिर किसी बाल्टी में ही गर्म पानी को भर लें। ध्यान रहें कि स्टीम लेने के दौरान आपका पूरा चेहरा अच्छी तरह से ढक हो ताकि पूरे चेहरे पर बराबर स्टीम मिलती रहे।
स्टीम लेने के यह हैं फायदे :-
1. स्टीम की मदद से आपके चेहरे में मौजूद सारे काले-काले मैल साफ हो जाते हैं। यही नहीं, स्टीम लेने से आपके चेहरे के बंद पोर्स भी खुल जाएंगे। साथ ही चेहरे की सभी अंदरुनी मैल साफ हो जाएगी। बता दें कि स्टीम लेने से आपके स्कीन में मौजूद ब्लैक हेड्स भी आसानी से निकल जाते हैं, जिससे आपकी त्वचा में निखार आ जाता है
स्टीम लेने का दूसरा बड़ा फायदा यह है कि यह चेहरे की डेड स्किन को भी साफ कर देती है। इसी टिप्स की मदद से त्वचा पर नेचुरल ग्लो नजर आता है।
स्टीम लेने से आपके सबसे ब़ड़े दुश्मन मुहांसे और झुर्रियों का भी खात्मा हो जाएगा।
यही नहीं, स्टीम को लेने से आपके स्कीन का मॉइश्चर बैलेंस भी बना रहेगा, जिससे त्वचा रूखी और बेजान नजर नहीं आएगी।

दुनिया का सबसे बेहतरीन उपाय जो घटाए आपका मोटापा -- बिलकुल ख़तम

दुनिया का सबसे बेहतरीन उपाय जो घटाए 

आपका 

मोटापा  --   बिलकुल ख़तम 



Pet Kam Karne Ke Upay : यहाँ पर मोटापा घटाने के उपाय आप जानेंगे| वजन कब बढ़ जाता है और चर्बी कब जमा हो जाती है यह पता नहीं लगता है मगर जब कपड़े टाइट होने लगे और पेट आगे की और बड़ आए तब पता चलता है की आप मोटे हो गये है.
Vajan kab badh jaata hai aur charbi kab jama ho jaati hai yeh pata nahin lagta hai magar jab kapde tight hone lage aur pet aage ki aur upas aaye tab pata chalta hai ki aap mote ho gaye hai.
अब वजन बढ़ाना आसान है मगर जमे हुए चर्बी को पिघलना इतना आसान नहीं है. पेट को कम करने के लिए व्यायाम करना पड़ता हो जो सब लोगो की बस की बात नहीं है.
Ab vajan badhana aasaan hai magar jame hue charbi ko pighlana itna aasaan nahin hai. Pet ko kam karne ke liye kathor vyaayaam karna padta ho jo sab logo ki bas ki baat nahin hai.
घभ्रैये नहीं, यहाँ पर मोटापा घटाने के उपाय आप जानेंगे जिस में अधिक व्यायाम की ज़रूरत नहीं है. इन मोटापा घटाने के घरेलू उपाय के द्वारा आप फिर से स्वस्थ और संतुलित शरीर पाएँगे.
Gabhraiye nahin, yahan par motapa ghatane ke upay aap jaanenge jis mein adhik vyaayaam ki jaroorat nahin hai. In motapa ghatane ke ghaelu upay dwara aap phir se swasth aur santulit sharir paayenge.

पेट कम करने के उपाय : Motapa Kam Karne Ke Asardaar Upay

यहाँ पर बताए गये पेट कम करने के उपाय हर कोई कर सकता है. छोटे से लेकेर बूढ़े तक सभी के लिए यह मोटापा कम करने के उपाय अनुकूल है. संक्षिप्त पेट कम करने के घरेलू नुस्खे यहाँ पर जानिए:
Yahan par bataye gaye pet kam karne ke upay har koi kar sakta hai. Chotte se leker budhe tak sabhi ke liye yeh motapa kam karne ke upay anukool hai. Sankshipt pet kam karne ke gharleu nuskhe yahaan par jaaniye:(वजन कम करने के घरेलू उपाय)
  • सवेरे उठ के खाली पेट करेले का जूस पीना याने आप चर्बी को आसानी से पिघला सकते है.
  • Savere uth ke khaali pet karele ka juice peene yaane aap charbi ko aasaani se pighla sakte hai.
  • दिन भर गरम पानी का सेवन करे. गरम पानी में नींबू और आद्रक का रस हो तो और भी बेहतर है. काली मिर्च डाले तो गुण और बढ़ जाएँगे. गरम चाय, बिना दूध और शक्कर के आप सेवन करे तो भी यह फ़ायदा मिलेगा. गरम पानी से पाचन तंतरा सुधर जाता है और गतिविधि बढ़ती है जिस से आप का शरीर चर्बी को अच्छी तरह से उपयोग करके जला देता है.
  • Din bhar garam paani ka sevan kare. Garam paani mein nimbu aur adrak ka ras ho to aur bhi behtar hai. Kaali mirch daale to gun aur badh jaayenge. Garam chai, bina doodh aur shakkar ke aap sevan kare to bhi yeh fayda milega. Garam paani se pachan tantra sudhar jaata hai aur gatividhi badhti hai jis se aap ka sharir charbi ko achchi tarah se upyog karke jala deta hai.
  • पेट कम करने के घरेलू उपाय में एक श्रेष्ट उपाय है की आप हर रोज भोजन के साथ कच्चे पपीता का सेवन करे. कद्दूकस कर के खाए. खाना खाने के बाद पक्का पपीता खाने से भी अत्यंत लाभ होता है.
  • Pet kam karne ke upay in hindi mei ek shresht upay hai ki aap har roj bhojan ke saath kachche papita ka sevan kare. Kaddukas kar ke khaaye. Khaana khane ke baad pakka papita khane se bhi atyant laabh hota hai.
  • मोटापा कैसे कम करें इस प्रश्न से परेशन ना रहे. बस, शौक से दही का सेवन करे. छाछ बना के पिए तो भी उत्तम है मगर ध्यान रहे की शक्कर (चीनी) का उपयोग ना करे.
  • Motapa kam kaise kare is prashna se pareshan na rahe. Bas, se dahi ka sevan kare. Chaach bana ke piye to bhi uttam hai magar dhyan rahe ki shakkar (chini) ka upyog na kare.
  • मोटापा कम करने के घरेलू उपाय में अब चीनी की ही बात करे तो इस को अपने जीवन से बिल्कुल दूर हटा दे और इस के बदले स्टेविया पाउडर का उपयोग करे जो कुद्रती शक़ऱ पदार्थ है जिस में कॅलरीस बिल्कुल नहीं होते है.
  • Motapa kam karne ke gharelu upay mein ab chini ki hi baat kare to is ko apne jeevan se bilkul dur hata de aur is ke badle stevia powder (meethi patti powder) ka upyog kare jo kudrati shaakar padarth hai jis mein calories bilkul nahin hote hai.
  • आप ने देखा होगा मज़दूर लोगों का और खेतो में काम करने वाले लोगों का और गाँव में रहने वालो का पेट कभी बढ़ा हुआ नहीं होता है. इस का राज़ है प्याज़, लहसुन और हरी मिर्च. आप भी इन तीन तत्वो का हर रोज कच्चा ही सेवन करे, चट्नी के रूप में या तो किसी और तरीके से और रहे चर्बी से मुक्त.
  • Aap ne dekha hoga mazdoor logon ka aur kheto mein kaam karne vale logon ka aur gaav mein rehne vaalo ka pet kabhi badha hua nahin hota hai. Is ka raaz hai pyaaz, lehsun aur hari mirch. Aap bhi in teen tatvo ka har roj kachcha hi sevan kare, chutney ke roop mein ya to kisi aur tarike se aur rahe charbi se mukt.
  • हर रोज सवेरे उठ के करेले का जूस पीने की आदत डाले और इस के साथ लौकी, चुकंदर, गाजर और पत्तागोभी को भी अगर शामिल करे तो और भी फ़ायदा होता है.
  • Har roj savere uth ke karele ka juice peene ki aadat dale aur is ke saath lauki, chukandar,gajar aur pattagobhi ko bhi agar shamil kare to aur bhi fayde hota hai.
  • दोपहर को भोजन करने के बदले कच्चे सब्जी जैसे की खीरा, टमाटर, प्याज और हरी पत्ते वाली सब्जी का कचुंबेर खाए.
  • Dopahar ko bhojan karne ke badle kachche sabji jaise ki kheera, tamatar, pyaaj aur hari patte vali sabji ka kachumber khaaye.
  • गेहू के आटे की रोटी ना खाए. चने का आटा और जौ के आटे का इस्तेमाल करे
  • Gehu ke aate ki roti na khaaye. Chane ka aata aur jauu ka aata istemal kare.
  • भारी भोजन करने के बदले आप सिर्फ़ हल्का और कम मात्रा में खाए. दिन में 2 बार भारी भोजन से 4-5 बार थोड़ा-थोड़ा खाना बेहतर है.
  • Bhari bhojan karne ke badle aap sirf halka aur kam maatra mein khaaye. Din mein 2 baar bhaari bhojan se 4-5 baar thoda thoda khaana behtar hai
इन सभी पेट की चर्बी कम करने के तरीके आसान तो है मगर समय लगता है और आप को परहेज पालना है. नमक कम करे, तले हुए और बाजारू चीज़ो का सेवन ना करे, शक्कर को बिल्कुल बाँध करे, धूम्रपान बाँध कर दे, शराब बहुत नियंत्रित मात्रा में पिए और पूरा नींद ले.
In sabhi pet ki charbi kam karne ke tarike aasaan to hai magar samay lagta hai aur aap ko parhej paalna hai. Namak kam kare, tale hue aur baajaaru cheezo ka sevan na kare, shakkar ko bilkul bandh kare, dhoomrapaan bandh kar de, sharaab bahut niyantrit matra mein piye aur poora neend le.
अब जाने थोड़ा कठिन पेट की चर्बी कम करने के उपाय जिस के करने से वाकई आप के शरीर में परिवर्तन आएगा और आप और भी स्फूरतीले बन जाएँगे.
Ab jaane thodasa kathin pet ki charbi kam karne ke upay jis ke karne se vakai aap ke sharir mein parivartan aayega aur aap aur bhi sfurtile ban jaayenge.
  • अँग्रेज़ी में जिसे डीटॉक्स कहते है उस का प्रयोग सब से पहले करे ताकि आप के शरीर के सभी गतिविधि तेज बन जाए. डीटॉक्स माने विष हरण, इस के अलग तरीके है. सस्ता और अच्छा तरीका है की आप 2-4 दीनो के लिए उपवास करे और इस के दौरान सिर्फ़ गरम पानी पिए जिसमे डाला हो नींबू का रस, शहद, आद्रक का रस, काली मिर्च पीसी हुई और मोसंबी का रस या तो शहद. हो सके इतना गरम हो इसका दिन में हो सके. इतनी बार करे की शरीर में से विष निकल जाएँगे. अब इस के बाद आप सिर्फ़ फल और सब्जी और उबले हुए मूँग को आहार के रूप में ले थोड़े दीनो तक और देखिए कितना फ़र्क पड़ता है. Angrezi mein jise detox kehta hai us ka prayog sab se pehle kare taaki aap ke sharir ke sabhi gatividhi tej ban jaaye. Detox maane vish haran. Is ke alag tarike hai. Sasta aur achcha tarika hai ki aap 2-4 dino ke liye upvaas kare aur is ke dauran sirf garam paani piye jis mei dala ho nimbu ka ras, shahad, adrak ka ras, kala mirch pisi hui aur mosambi ka ras yaa to shahad. Ho sake itna garam ho iska din mein ho sake itni baar kare ki sharir mein se vish nikal jaayenge. Ab is ke baad aap sirf fal aur sabji aur uble hue moong ko aahaar ke roop mein le thode dino tak aur dekhiye kitna farak padta hai.
  • हर रोज 2 घंटे तक तेज चलने का रखे तो पेट कम कैसे करे की समस्या का हल अपने आप निकल आएगा.
  • Har roj 2 ghante tak tej chalne ka rakhe to pet kam kaise kare ki samasya ka hal apne aap nikal aayega.
  • मोटापा कम करने के तरीके में एक तरीका यह है की आप इतना व्यायाम करे की आप का शरीर चर्बी को पिघालने लगे. इस के लिए एरोबिक्स करे 30 मिनिट्स तक वेट लिफ्टिंग करे और हो सके तो दौड़ लगाए. पेट कम करने के लिए व्यायाम बहुत ही ज़रूरी है. दवाई या जड़ी बूटी से ही हाल नहीं आता है.
  • Motapa Kamm karne ke tarike mein ek tarike yeh hai ki aap itna vyaayaam kare ki aap ka sharir charbi ko pighaalne lage. Is ke liye aerobics kare 30 minutes tak weight lifting kare aur ho sake to daud lagaye. Pet kamm karne ke liye vyayam bahut hi jaroori hai. Dawai ya jadi booti se hi hal nahin aata hai.
  • आहार के साथ व्यायाम हो तो अवश्य आप के मोटापे में फरक दिखाई देगा.
  • Aahaar ke saath vyaayaam ho to avashya aap ke motape mein farak dikhai dega.
  • पेट कम करने के लिए योगासन बहुत ही फयदेमंद है. सवेरे उठ के 20 मिनिट तक आप कोई एक या दो योगासन, जो आप के लिए अनुकूल है और आसान है वो ही करे. योगा में वक्रासना, भुजंगासन, त्रिकोनसन, पाशचिमोत्तासन, गरुर्ढआसन, उत्कतसना, अर्धचंदारसना और शलभासना जैसे आसान वजन नियंत्रण करने में और मोटापा कम करने में मदद रूप है, कई आसन कठिन है ज़्यादा उमर हो जाने पर इसीलिए जो आसान है वोहि करे, मगर नियमित करे.
  • Pet kam karne ke liye yogasan bahut hi faydemand hai. Savere uth ke 20 minute tak aap koi ek ya do yogasan, jo aap ke liye anukul hai aur aasaan hai vohi kare. Yoga mein vakrasana, bhujangasan, trikonasana, paschimottasan, garudasana, utkatasana, ardha chandrasana aur shalabhasana jaise asan vajan niyantran karne mein aur motapa kam karne mein madad roop hai. Kai asan kathin hai jyaada umar ho jaane par isiliye jo aasaan hai vohi kare magar niyamit kare.

मोटापा कम करने के नुस्खे जो आप घर पर ही प्रयोग कर सकते है : Aise Kare Kam Motapa

Motapa kam karne ke nuskhe(वजन कम करने के तरीके) jo aap ghar par hi prayog kar sakte hai voh jaaniye:
  • पेट कम करने का उपाय तो कई है और इस में से आप ग्वार पत्ती का रस सवेरे पीने की आदत डाले मगर ध्यान रखे की ताज़ा पत्ती में से बने और तुरंत पी ले और अधिक मात्रा में ना ले.
  • Pet kam karne ke upay to kai hai aur is mein se aap gavar pata ka ras savere peene ki aadat daale magar dhyan rakhe ki taja patti mein se bane aur tuarant pee le aur adhik maatra mein na le.
  • मोटापा कम करने के घरेलू नुस्खे में पाइपर मूल का उपयोग हितकारी होता है. इस का चूरणा बना के शहद या घीमें मिला दे और दिन में दो बार चाट ले
  • Motapa kam karne ke gharelu nuskhe mein piper mool ka upyog hitkari hota hai. Is ka choorna bana ke shahad ya ghee mein mila de aur din mein do baar chaat le.
  • मोटापा कम करना खेल बात नहीं है मगर कोई भी उमर में अगर आप खेल में जुड़ जाए जैसे की बेटमिंटन या टेन्निस या वॉली बाल अगर उमर ज़्यादा हो तो या तो फिर फुटबॉल या बास्केटबॉल (कम उमर वाले लोगो के लिए) तो आवश्या फ़ायदा होगा.
  • Motapa kam karna khel baat nahin hai magar koi bhi umar mein agar aap khel mein jud jaaye jaise ki badminton ya tennis ya volley baal agar umar jyaada ho to ya to phir football ya basketball (kam umar vaale logo ke liye) to avashya fayda hoga.
  • पेट कम करने के तरीके में एक तरीका यह है की मादुमालाती के जड़ को पीस के शहद में मिला के सेवन करे.
  • Pet kam karne ke tarike mein ek tarika yeh hai ki madhumalti ke jad ko pis ke shahad mein mila ke sevan kare.
  • मोटापा कैसे कम करे उस की चिंता ना करे बलके करौंदे का रस निकल के पीते रहिए.
  • Motapa kaise kam kare (पेट की चर्बी कैसे कम करें) us ki chinta na kare balke karaunde ka ras nikal ke peete rahiye.

आयुर्वेदिक उपाय वजन कम करने के लिए और चर्बी पिघलने के लिए:

मोटापा घटाने की दवा अगर कोई आप को बताता है तो कोई दावा कार्गरर नहीं है की गोली खाये और चर्बी बर्फ की तरह पिघल जाए. हन, आप मोटापा कम करने के आयुर्वेदिक उपाय का ज़रूर प्रयोग कर सकते है. आयुर्वेदिक जड़ी बूटी में आप कालोंजी, गुग्गूल, गिलोय, यष्टिमधु, अजवाइन, सवा के बीज, जीरा के बीज, पुदीना, वृक्षमला और कढ़ी पत्ते का उपयोग कर सकते. सभी जड़ी बूटी या तो 4-5 को पीस के मिला दे और दिन में दो बार प्रयोग करे. त्रिफला चूरना पाचन तंतरा को सुधारने के साथ पेट का मोटापा कम करने के उपाय में से एक श्रेष्ट उपाय भी है.
Motapa ghatane ki dawa agar koi aap ko batata hai to aisi koi dava kargar nahin hai ki goli khaaye aur charbi barf ki tarah pighal jaaye. Haan, aap motapa kam karne ke liye Ayurvedic upay ka jaroor prayog kar sakte hai. Ayurvedic jadi booti mein aap sonth, kalonji, guggul, giloy, yashtimadhu, ajwain, sava ke beej, jeera ke beej, pudina, vrikshamla aur kadhi patte ka upyog kar sakte. Sabhi jadi booti ya to 4-5 ko pees ke mila de aur din mein do baar prayog kare. Triphala churna pachan tantra ko sudharne ke saath pet ka motapa kam karne ke upayjaldi pet kam karne ke upay mein se ek shresht upay bhi hai.
यह घरेलू नुस्खे फॉर वेट लॉस इन हिन्दी जो आप पढ़ रहे है उन में और कई तरीके है जैसे की आहार में से अनाज को बिल्कुल हटा दे और सिर्फ़ फल, सब्जी, अंकुरित मूँग/चना/मटर और तेली बीज जैसे की बादाम, अखरोट, तिल और सिंग दाना का सेवन करे. दूध के बदले छाछ पिए या दही खाए या तो पनीर खाए.
Yeh gharelu nuskhe for weight loss in Hindi jo aap padh rahe hai un mein aur kai tarike hai jaise ki aahar mein se anaj ko bilkul hata de aur sirf fal, sabji, ankurit moong/chana/matar aur teli beej jaise ki badam, akhrot, til aur singdana ka sevan kare. Doodh ke badle chaach piye ya dahi khaaye ya to paneer khaaye